तकनीक की मदद से प्रदान किया जाएगा कौशन
आज के समय में क्रिएटर्स अर्थव्यवस्था तेजी से वृद्धि कर रही है। इसमें लोगों के लिए ढ़ेरों अवसर हैं। वैष्णव ने कहा कि प्रॉपर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक का इस्तेमाल करके कैसे युवाओं को ट्रेनिंग दी जा सकती है, इसपर शोध करके इस संस्थान (IIIC) की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान में युवाओं को तकनीक और उन्नत आधारभूत संसचना की मदद से कौशल प्रदान किया जाएगा।
तकनीक में नेतृत्व करना उद्देश्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस सस्थान का औपचारिक नाम बाद में दिया जाएगा। लेकिन संभवतः इसका नाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्सिव क्रिएटर्स होगा। अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि यह बहुत बड़ी विचार प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अपने आईपी अधिकारों के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत का उपयोग करके नई रचनात्मक संपत्तियों का निर्माण करना और टेक्नोलॉजी में नेतृत्व करना है।
बायो इकोनॉमी और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना को भी मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने युवाओं के लिए बायो इकोनॉमी और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना को भी मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने 9,197 करोड़ रुपये के आउटले के साथ बायो मैन्युफैक्चरिंग और बायो-फाउंड्री योजना को भी मंजूरी दी है