जय जवान, किसान, विज्ञान के साथ अनुसंधान भी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को एक नया नारा दिया। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा और अब इसमें जय अनुसंधान जोड़ने का समय आ गया है। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान हो।
आगामी 25 वर्षों के लिए पांच प्रण
पीएम मोदी ने आने वाले 25 वर्षों के लिए देशवासियों को पांच संकल्प दिए। उन्होंने कहा कि अब देश बड़े संकल्प लेकर चलेगा, और वो पहला बड़ा संकल्प है विकसित भारत और उससे कुछ कम नहीं होना चाहिए। दूसरा प्रण है किसी भी कोने में हमारे मन के भीतर अगर गुलामी का एक भी अंश हो उसे किसी भी हालत में बचने नहीं देना। तीसरी प्रण शक्ति- हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। चौथा प्रण है- एकता और एकजुटता... पांचवां प्रण है- नागरिकों का कर्तव्य, इसमें प्रधानमंत्री भी बाहर नहीं होता है, राष्ट्रपति भी बाहर नहीं है।
हमारा संकल्प है विकसित भारत
पीएम मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में कहा कि हमारा सबसे बड़ा संकल्प है विकसित भारत और इससे कम कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि 25 साल के भीतर विकसित भारत बनाएंगे। पीएम ने कहा कि यह नए संकल्प के साथ नई दिशा की ओर कदम बढ़ाने का दिन है।
नारी का सम्मान, भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर चर्चा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से अपील करते हुए कहा हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प लेते हैं। नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बहुत बड़ी पूंजी बनने वाला है, ये सामर्थ्य मैं देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आपका साथ चाहिए। आपसे भ्रष्टाचार से लड़ने की शक्ति चाहिए। पीएम ने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा, उन्हें लौटाना होगा। बैंक लूटनेवालों की संपत्ति जब्त हो रही है। पीएम ने कहा कि परिवारवाद से प्रतिभा को नुकसान होता है। हमें अपनी संस्थाओं की ताकत का एहसास करने के लिए, योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने के लिए 'परिवारवाद' के खिलाफ जागरूकता बढ़ानी होगी।