जड़ों से जुड़ने की अपील
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की ऐतेहासिक विरासतों को भी खूब सराहा। उन्होंने कहा कि हम प्रकृति से प्रेम करना जानते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या के समाधान का रास्ता हमारे पास है। हमारे पूर्वजों ने इसे हमें दिया है। जब दुनिया होलिस्टिक हेल्थ केयर की चर्चा करती है, तो दुनिया की नजर भारत के योग पर जाती है, भारत के आयुर्वेद पर जाती है। पीएम ने कहा कि जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे, तभी विश्व को भी समाधान दे पाएंगे।
नर में नारायण से पौधे में परमात्मा तक
हम वो लोग हैं, जो जीव में शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं, जो नर में नारायण देखते हैं। हम वो लोग हैं, जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं, जो पौधे में परमात्मा देखते हैं। हम वो लोग हैं, जो नदी को मां मानते हैं, हम वो लोग हैं, जो कंकड़-कंकड़ में शंकर देखते हैं। हम वो हैं जिसने दुनिया को वसुधैव कुटुम्बकम का मंत्र दिया। हमने दुनिया का कल्याण देखा है। हमने जन कल्याण से जग कल्याण देखा है।
गुलामी की मानसिकता को हमें तिलांजली देनी पड़ेगी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ये हमारे नौजवान हैं, जो आज नई नई खोज के साथ दुनिया के सामने आ रहे हैं। गुलामी की मानसिकता को हमें तिलांजली देनी पड़ेगी, अपने सामर्थ्य पर भरोसा करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमने देखा है कि कभी कभी हमारी प्रतिभा भाषा के बंधनों में बंध जाती है। ये गुलामी की मानसिकता का परिणाम है। हमें हमारे देश की हर भाषा पर गर्व होना चाहिए।
संयुक्त परिवार की एक पूंजी हमारे देश की बड़ी विरासत
पीएम मोदी ने कहा कि जब तनाव की बात होती है तो लोगों को योग दिखता है, सामूहिक तनाव की बात होती है तो भारत की पारिवारिक व्यवस्था दिखती है। संयुक्त परिवार की एक पूंजी सदियों से हमारी माताओं के त्याग बलिदान के कारण परिवार नाम की जो व्यवस्था विकसित हुई, ये हमारी विरासत है जिसपर हम गर्व करते हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि ये हिंदुस्तान की मिट्टी है। यहां हर भारत गर्व से भर जाता है जब वे भारत की महिलाओं की ताकत को याद करते हैं- चाहे वह रानी लक्ष्मीबाई हो, झलकारी बाई, चेन्नम्मा, बेगम हजरत महल। पीएम मोदी ने कहा कि यह देश मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, अशफाकउल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल और ब्रिटिश शासन की नींव हिलाने वाले हमारे असंख्य क्रांतिकारियों का आभारी है। पीएम नो कहा कि आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।