नई दिल्ली: शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने राज्य सभा में एक सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) संस्थान में सर्वोत्तम प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए आसान संकाय कैडर संरचना बनाई गई है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि इन संस्थानों में रिक्तियों को भरना एक सतत प्रक्रिया है। ये संस्थान इन श्रेणियों में रिक्तियों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान भी चलाते हैं। सितंबर 2022 से इन संस्थानों ने रिक्तियों को भरने के लिए मिशन-मोड भर्ती अभियान चलाया है और 30 नवंबर 2023 तक, संस्थानों में कुल 19,190 रिक्तियां भरी गई हैं, जिनमें से 11,847 संकाय पद हैं, जिनमें एससी/एसटी/ओबीसी पीडब्ल्यूडी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार शामिल हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने आगे बताया कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के व्यक्ति का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए संविधान (103 संशोधन) अधिनियम, 2019 बनाया। इस अधिनियम में नागरिकों के किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पक्ष में नियुक्तियों या पदों पर आरक्षण का प्रावधान है।
केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान (सीएचईआई) अपनी भर्तियों में अधिनियम का पालन करते हैं। विभिन्न संकाय संवर्गों में रिक्तियों की संख्या भर्ती, इस्तीफे के साथ-साथ छात्र संख्या के आधार पर गतिशील होती है।