नई दिल्ली। आईआईटी बॉम्बे के 2012 बैच के छात्र विवेक गुप्ता का मानना है कि आज के दौर में जब तकनीक इतने आधुनिक दौर में पहुंच गई है तो ऐसे में बेहतर करिअर की आस लगाए छात्रों को न सिर्फ बेहतरीन ट्रेनिंग या स्किल सेट दी जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लर्निंग के साथ परिणाम भी बेहतर हो।
गुप्ता ने बताया कि करिअर संवारने की इच्छा रखने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि उनके बजट में और यथासंभव उनके ही शहर या गांव में ही सही सलाह-मशविरा मिल जाए। अगर कोई बच्चा आईआईटी की परीक्षा पास करना चाहता है तो ऐसे बच्चों के लिए हमारी कोशिश रहती है कि हाल ही में इस परीक्षा पास कर निकले टॉप-100 रैंकर्स से ही कंटेन्ट तैयार कराएं।
करिअर बिल्डिंग में कंसल्टेशन का बड़ा महत्व होता है। लेकिन, हमारे देश में अब भी सिर्फ डॉक्टर या वकील से बातचीत को भी वास्तव में कंसल्टेशन माना जाता है। एक्सपर्ट्रोन्स में हम अपने एआई से संचालित सुझावों की मदद से यूजर्स को उनकी पृष्ठभूमि, कॉलेज, रुचि के क्षेत्र और कंपनी की प्राथमिकताओं के आधार पर प्रासंगिक वीडियोबॉट प्रदान करते हैं। इच्छुक पेशेवर इन वीडियोबॉट तक स्वतंत्र रूप से पहुंच सकते हैं। वे अपने करियर की आकांक्षाओं के अनुरूप व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञों से व्यक्तिगत रूप से कॉल भी शेड्यूल कर सकते हैं।
गुप्ता बताते हैं कि हमें यह भी पता होना चाहिए कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में गैप कहां हैं और उसे भरने के लिए शुरुआती स्तर पर ही कार्य मे लग जाना चाहिए। कंपनियों से यह पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किस तरह के श्रमबल (वर्क फोर्स) की जरूरत है। उनकी जरूरत के हिसाब से ही छात्रों को लर्निंग स्किल दी जानी चाहिए ताकि जब वे काम करने कंपनी में जाएं तो सबका समय और पैसा बचे। संबंधित कंपनी की उत्पादकता बढ़े।