जर्मनी के साथ तीन बड़े समझौते
आईआईटी मद्रास ने जर्मनी की प्रतिष्ठित टेक्निशे यूनिवर्सिटेट ड्रेसडेन और ऑप्टिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कार्ल जीस (Carl Zeiss) समेत तीन संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। खास बात यह है कि कार्ल जीस (Carl Zeiss) अपना पहला इनोवेशन हब जर्मनी के बाहर आईआईटी मद्रास में स्थापित करेगी, जो भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक सहयोग
मलेशिया में आईआईटी मद्रास ने एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एकेडमी (ASEM) के साथ सेमीकंडक्टर टैलेंट और स्किलिंग को लेकर साझेदारी की है। इसके अलावा आइसलिंग ग्रुप (Aisling Group) के साथ भी करार हुआ है।
वहीं, सिंगापुर में गेट्स अपैक (GATES APAC) के साथ बाजार पहुंच (Market Access) समझौता किया गया है, जिससे भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को एएसईएएन (ASEAN) देशों में प्रवेश में मदद मिलेगी।
यूएई, यूके और यूएस में भी मजबूत मौजूदगी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आईआईटी मद्रास ने दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म के साथ शोध, शिक्षा और स्टार्टअप इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया है, जो दुबई के डी33 इकोनॉमिक एजेंडा से जुड़ा है। इसके अलावा वर्ल्ड गर्वमेंट समिट, एमसीए गल्फ और एजीएनए कैपिटल्स के साथ भी ज्ञापन साइन हुए।
ब्रिटेन में आईआईटी मद्रास ने डरहम विश्वविद्यालय (Durham University) के साथ शैक्षणिक सहयोग बढ़ाया है, जबकि अमेरिका में रटगर्स यूनिवर्सिटी (Rutgers University) समेत सीए स्टार्टअप्स, सीएफओ ब्रिज और स्टेज्स कंसल्टिंग के साथ करार किए गए हैं।
भारत में भी कई अहम करार
आईआईटी मद्रास ने भारत सरकार के तहत काम करने वाले स्वायत्त संगठनों जैसे एमईआईटीवाई (MEITY) और एनसीईआरटी, साथ ही कई भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ भी समझौते किए हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आईआईटी मद्रास ग्लोबल रीसर्च फाउंडेशन संस्थान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को और मजबूत करेगा। उन्होंने छात्रों से संवाद भी किया और अंतरिक्ष स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस (Agnikul Cosmos) का दौरा कर उसकी टीम की सराहना की।