एनसीईआरटी की भूमिका होगी और व्यापक
एनसीईआरटी, शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जो स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाती है। पाठ्यक्रम निर्माण, पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन, शैक्षिक अनुसंधान और शिक्षक प्रशिक्षण इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं।
डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी अपने इन-हाउस रिसर्च प्रोग्राम्स का विस्तार कर सकेगा और एक पूर्ण विकसित अनुसंधान विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करेगा। सूत्रों के अनुसार, संस्थान को मुख्य रूप से स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
डिग्री देने का भी मिलेगा अधिकार
यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त डीम्ड यूनिवर्सिटी संस्थानों को शैक्षणिक स्वायत्तता प्राप्त होती है। इस समय देश में करीब 145 डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं। सबसे पहले यह दर्जा भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) को 1958 में मिला था, जबकि तमिलनाडु में इनकी संख्या सबसे अधिक है। यदि एनसीईआरटी को यह दर्जा मिलता है, तो वह स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी डिग्रियां प्रदान कर सकेगा।