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IIM Amendment Bill: भारतीय प्रबंधन संस्थानों के विजिटर होंगे राष्ट्रपति, कामकाज ऑडिट से लेकर होंगे ये अधिकार

Sun, 30 Jul 2023 07:59 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

केंद्र के एक नए संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किया गया है कि राष्ट्रपति भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) के विजिटर होंगे और उन्हें उनके कामकाज का ऑडिट करने, जांच के आदेश देने और निदेशकों को नियुक्त करने के साथ-साथ हटाने का अधिकार होगा
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Druapadi Murmu - फोटो : facebook
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विस्तार
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केंद्र के एक नए संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किया गया है कि राष्ट्रपति भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) के विजिटर होंगे और उन्हें उनके कामकाज का ऑडिट करने, जांच के आदेश देने और निदेशकों को नियुक्त करने के साथ-साथ हटाने का अधिकार होगा, जिससे इस प्रतिष्ठित संस्थान के लिए "स्वायत्तता" की बहस शुरू हो गई है। मणिपुर हिंसा पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच आईआईएम अधिनियम 2017 में संशोधन का विधेयक पिछले शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया था।

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कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पीएमओ यथासंभव सख्त नियंत्रण बनाए रखना चाहता है और "वैचारिक शुद्धता" सुनिश्चित करना चाहता है, आईआईएम केवल जवाबदेही तय करने के बजाय संशोधन से उनकी स्वायत्तता छीनने को लेकर चिंतित है। कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने कहा, "आईआईएम को 2017 में अधिक स्वायत्तता दी गई थी और इस कानून को संसद में व्यापक समर्थन मिला था। लेकिन छह साल बाद मोदी सरकार खुद जो पेश किया था उसे खत्म कर रही है। स्पष्ट रूप से, स्वायत्तता इस सरकार के लिए अवांछित है।" 

उन्होंने कहा, "पीएमओ अब कार्यक्रमों की गुणवत्ता, विचार की स्वतंत्रता और प्रशासन के लचीलेपन के सभी विचारों को दरकिनार करते हुए यथासंभव सख्त नियंत्रण बनाए रखना और वैचारिक 'शुद्धता' सुनिश्चित करना चाहता है।"
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बिल में कहा गया है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2023 के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति प्रत्येक संस्थान के विजिटर होंगे। विजिटर किसी भी संस्थान के काम और प्रगति की समीक्षा करने, उसके मामलों की जांच करने और विजिटर द्वारा निर्देशित तरीके से रिपोर्ट करने के लिए एक या एक से अधिक व्यक्तियों को नियुक्त कर सकता है। बोर्ड विजिटर को उचित समझे जाने वाली जांच की सिफारिश भी कर सकता है। उस संस्थान के खिलाफ जो अधिनियम के प्रावधानों और उद्देश्यों के अनुसार काम नहीं कर रहा है।
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