आपने आई.ए.एस. के एग्जाम को कितने प्रयास मे पास किया?
यूं तो मैं इस पोस्ट के लिए तीन एग्जाम्स क्वालीफाई कर चुकी थी। और, सिर्फ इसी पोस्ट के लिए नहीं, बल्कि मैंने आई.आर.एस. जैसी और भी पोस्ट्स के एग्जाम्स एक ही अटेंप्ट में क्वालीफाई किए हुए हैं। पर लास्ट राउंड में आकर मेरी शारीरिक विक्षमता की मजबूरी को देखते हुए मुझे फिजीकल फिटनेस राउंड्स में डिसक्वॉलिफाई कर दिया जाता रहा।
तो, साल-2015 में मिली सफलता पर थोड़ी रोशनी डालें।
मैंने मशहूर चॉकलेट ब्राण्ड, कैडबरी डेरी मिल्क में एक ब्राण्ड एक्जिक्यूटिव के तौर पर अपने करियर की शरुआत की थी। लेकिन, मेरे चचेरे भाई की प्रेरणा से मैंने अपनी जॉब छोड़कर आई.ए.एस. की तैयारी शुरू कर दी। वैसे तो मैं इस पोस्ट के लिए पिछले तीन एग्जाम्स में क्वालीफाई कर चुकी थी। लेकिन, हर बार फिजीकल फिटनेस राउंड्स में डिसक्वालीफाई होने के बाद मुझे कई बार डिप्रेशन भी हुआ और मैंने इस सपने को छोड़ने का भी मन बनाकर दोबारा कैडबरी डेरी मिल्क में अपनी जॉब ज्वॉइन करने की कोशिश की। लेकिन, मेरे चचेरे भाई की निरंतर प्रेरणा से मैंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए तैयारी जारी रखी और उसी मेहनत और लगन से एग्जाम्स में शामिल होती रही।
सुनने में आया है कि आपके कारण अब इस हैंडीकैप्ड कैटिगरी के और भी स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा।
जी। यह बात एकदम सही है। अपने निरंतर प्रयास और एकाग्रता से मैंने कोर्ट में फाइल की अपनी समस्या में सफलता पा ली है। मेरे दृढ़ संकल्प का देखते हुए और इस कैटिगरी में आने वाले स्टूडेंट्स को भी अपनी क्षमता को साबित कर एक सफल एडमिनिस्ट्रेटर बनने का मौका देने के लिए मुझे देश की इस सबसे प्रतिष्ठित पोस्ट के लिए सिलेक्ट कर आखिरकार एक हिस्ट्री बना ली है।
आने वाली पीढ़ी के लिए यह फैसला किस हद तक सफलता के द्वार खोलेंगा?
माननीय कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले को मैं दिल से सलाम करती हूं। क्योकि, इससे न केवल इस कैटिगरी के स्टूडेंट्स को जॉब मिलेगी, बल्कि, अपने खोए हुए कॉन्फिडेंस को दोबारा पाकर जीवन में आगे बढ़कर देश के सेवा करने का मौका भी मिलेगा।
तो इस एग्जाम की प्रिप्रेशंस के लिए आप क्या करती थी?
इस एग्जाम की प्रिप्रेशन्स के लिए मैंने कभी भी अपने दिमाग पर एक प्रेशर नहीं बनाया, बल्कि, बहुत ही आराम से खूब सारी मस्ती करते हुए मैंने अपने पूरे सिलेबस को अच्छे-से सोच-समझकर याद किया।
आई.ए.एस. की तैयारी के दौरान आप अपना मूड रिफ्रेश करने के लिए क्या करती थीं?
सच बताऊं तो पढ़ाई के मामले में तो मैं महा-आलसी थी। अगर इस सवाल को आप यूं पूछे कि मैं पढ़ने के लिए मन कैसे बनाती थी; तो, शायद यह सवाल एकदम करेक्ट रहेगा। वैसे जहां तक बात है मूड रिफ्रेश करने की; तो, मैं कोई भी गेम या स्पोर्ट्स खेलकर दोबारा पढ़ाई करने के लिए अपना मूड रिफ्रेश करती थी।
आई.ए.एस. ऑफिसर के अलावा इरा सिंघल कौन है?
सिंघल एक बहुत ही नटखट और फन-लविंग लड़की है, जो अपने जीवन में हरदम कुछ नया एक्सपेरिमेंट करके देखना चाहती है। लेकिन, अब आई.ए.एस. ऑफिसर बनने के बाद मेरे कंधों पर देश की सम्मेदारी आ गई है और मैं उसे पूरी तन्मयता और प्रतिबद्धता के साथ निभाऊंगी।
आई ए एस. की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को आप क्या टिप्स देना चाहेंगी?
मैं सभी आई.ए.एस. एस्पिरेंट्स को यही टिप्स देना चाहूंगी कि सबसे पहले तो आप अपना एक प्रॉपर टाइम-टेबल बनाएं। और किसी भी विषय को रटकर याद करने की न सोचें। बल्कि, उसे ठीक तरह से समझकर तैयार करें।
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