अधिकारियों की भर्ती संख्या बढ़ाई गई
केंद्रीय राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि जहां तक आईपीएस यानी भारतीय पुलिस सेवा का सवाल है, सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से आईपीएस (आरआर अर्थात राष्ट्रीय राइफल्स) अधिकारियों की भर्ती संख्या को सीएसई -2020 से ही 150 से बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। वहीं, मंत्री ने आगे कहा कि सीधी भर्ती के अलावा, राज्य सेवाओं से केंद्रीय सेवाओं में शामिल होने के माध्यम से रिक्तियों को भरना एक नियमित प्रक्रिया है। इसके लिए चयन समिति की बैठकें, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा राज्य सरकारों के साथ समय-समय पर आयोजित की जाती हैं।
स्थानांतरित करने संबंधी विशेषाधिकार में संशोधन संभव
वहीं, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को स्थानांतरित करने संबंधी विशेषाधिकार की योजना के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने बताया कि आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस तीनों अखिल भारतीय सेवाओं के कैडर नियमों में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को नियंत्रित करने वाले प्रावधान शामिल हैं।
हालांकि, राज्य सरकारें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों को नहीं भेज रही हैं। इस कारण, अखिल भारतीय सेवा अधिनियम-1951 की धारा-3 में निहित प्रावधानों के अनुसार, संबंधित कैडर नियमों के 6(1) में संशोधन के प्रस्ताव पर राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से टिप्पणियां मांगी गई हैं।