भर्तियों की जानकारी
समय-समय पर एसएससी अलग-अलग विभागों में सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। हाल में ही दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ और सीएपीएफ में भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त हुई है।
ये पद एसएससी ग्रुप बी और ग्रुप सी के तहत और गैर राजपत्रित (Non Gazetted) होते हैं। इनके लिए चयनित उम्मीदवारों को करीब 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये या इससे ज्यादा तक की सैलरी मिलती है।
आपको इन नौकरियों की जानकारी अखबारों, न्यूज वेबसाइटों या सीधे एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ssc.nic.in के जरिए मिल जाएगी।
परीक्षा की जानकारी
इन पदों पर भर्ती के लिए कुल तीन तरह की परीक्षाएं होती हैं-
- लिखित परीक्षा (पेपर 1 और पेपर 2)
- शारीरिक परीक्षा (पीएसटी/पीईटी)
- चिकित्सकीय जांच (डिटेल्ड मेडिकल एग्जामिनेशन- डीएमई)
पेपर -1 परीक्षा पैटर्न (समय - 2 घंटे)
विषय सवाल/अंक
जेनरल इंटेलिजेंस व रीजनिंग 50/50
जेनरल नॉलेज एंड अवेयरनेस 50/50
क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 50/50
इंग्लिश कॉम्प्रिहेंसन 50/50
पेपर -2 परीक्षा पैटर्न (समय - 2 घंटे)
विषय सवाल/अंक
इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंसन 200/200
दोनों ही पेपर्स में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाते हैं। सवाल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होते हैं। अब ये परीक्षाएं कंप्यूटर मोड पर ली जाती हैं। इनमें क्वालिफाई करने के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को न्यूनतम 30 फीसदी, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस को 25 और अन्य श्रेणियों को 20 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है।
शारीरिक परीक्षा (PST/PET) पैटर्न
जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल हो जाते हैं, उन्हें शारीरिक परीक्षा में शामिल किया जाता है। शारीरिक परीक्षाएं दो तरह की होती हैं - पीएसटी और पीईटी।
पीएसटी के अंतर्गत चयनकर्ता अभ्यर्थियों की लंबाई, वजन व बीएमआई की जांच करते हैं। सीने की चौड़ाई (Chest Measurement) की भी जांच की जाती है। हालांकि महिला उम्मीदवारों के लिए चेस्ट मेजरमेंट जरूरी नहीं है।
वहीं पीईटी के तहत 100 मीटर व अन्य अलग-अलग दूरी की दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप महिला व पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए जरूरी हैं। वहीं, शॉट पुट केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए जरूरी है।
मेडिकल एग्जामिनेशन
फिजिकल क्वालिफाई करने के बाद मेडिकल एग्जाम होता है। इसके तहत केंद्रीय या राज्य सरकार के ग्रेड-1 मेडिकल ऑफिसर या असिस्टेंट सर्जन से अभ्यर्थी की मेडिकल जांच कराई जाती है।
इसमें अभ्यर्थियों के आंखों, घुटनों, फ्लैट फुट, वेरिकोस वेन व हाई कलर विजन की जांच की जाती है। इसके अलावा उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की भी जांच होती है।
चयन के बाद प्रशिक्षण
इन तीनों प्रक्रियाओं को पास कर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। प्रशिक्षण के दौरान भी उन्हें टार्जन स्विंग, मंकी क्रॉल, जंपिंग हॉरिजोंटल बोर्ड, वर्टिकल रोप जैसी कई अलग-अलग स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करना होता है। इसमें सफल होने के बाद ही उन्हें फोर्स में अंतिम रूप से शामिल किया जाता है।
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