होटल इंडस्ट्री के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए यदि आप इससे संबंधित कोर्स कर लेते हैं, तो भविष्य में नौकरियों की कोई कमी नहीं रहेगी। आज तमाम होटल्स देश की मूलभूत सुविधाओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में गिने जाते हैं। होटल इंडस्ट्री का सीधा जुड़ाव टूरिज्म इंडस्ट्री से होता है। देश में जितने सैलानी या पर्यटक आएंगे, उतना ही ज्यादा होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
देश में टूरिज्म का प्रमोशन और तेजी से बढ़ते इंडस्ट्रियल विकास ने होटल उद्योग को काफी बूस्ट किया है। बढ़ते वैश्वीकरण के कारण इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं रहीं। आज कई होटल्स चेन्स मौजूद हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही हैं। इससे विदेशों में भी करियर के रास्ते खुले हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पर्यटन क्षेत्र के बढ़ते कारोबार के कारण आने वाले दस वर्षों में होटल इंडस्ट्री दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता और कोर्स
होटल मैनेजमेंट में सरि्टफिकेट, डिप्लोमा और बैचलर्स कोर्स करने के लिए शैक्षिक योग्यता 10+2 पर्याप्त है। सरि्टफिकेट कोर्स की अवधि छह महीने से लेकर एक वर्ष है। डिप्लोमा और बैचलर कोर्सेज की अवधि डेढ़ वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक की होती है। जिन्होंने स्नातक किया है, वे एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं। देश के कई होटल मैनेजमेंट संस्थानों में विभिन्न स्पेशलाइज्ड कोर्सेज भी उपलब्ध हैं।
व्यक्तिगत विशेषताएं
यदि आप होटल इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपकी पर्सनैलिटी आकर्षक होने के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल भी बेहतर होनी चाहिए। किसी भी तरह के मुद्दों पर तार्किक ढंग से सोचने की क्षमता, और प्रशासनिक दक्षता जरूरी है। शारीरिक रूप से फिट हों। कठिन से कठिन कार्य को समय पर करने के लिए तत्पर हों। आत्मविश्वास और धैर्य से प्रत्येक काम की बारीकियों को समझने की क्षमता भी आपके अंदर हो। सभ्य, मिलनसार और मेहमानों की इज्जत करना जानता हो।
कहां-कहां काम के मौके
एक होटल में कई विभाग होते हैं, जैसे ऑपरेशन्स, फ्रंट ऑफिस, हाउस कापिंग, फूड और बेवरेज, अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस, सेल्स एंड सिक्योरिटी। इन सभी विभागों में कई पदों पर नियुक्तियां होती हैं। होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा, एक होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएट कई अन्य क्षेत्रों जैसे होटल एंड रेस्टोरेंट मैनेजमेंट, क्लब मैनेजमेंट, एयरलाइन केटरिंग और केबिन सरि्वसेज, गेस्ट हाउस, इंस्टीट्यूशनल मैनेजमेंट (कॉलेज, स्कूल, फैक्टरीज, कंपनी गेस्ट हाउसेज आदि), रेलवे, बैंक, आर्म्ड फोर्सेज, शिपिंग कंपनीज आदि के केटरिंग डिपार्टमेंट्स में नौकरी कर सकते हैं। आप चाहें तो कुछ वर्षों के कार्यानुभव के बाद खुद का रोजगार भी कर सकते हैं।
वेतन की बात
कोर्स पूरा करने के बाद, किसी होटल में बतौर ट्रेनी काम कर सकते हैं। शुरुआत में 10 हजार से लेकर 15 हजार रुपये प्रति माह कमा सकते हैं। कुछ वर्षों का अनुभव हासिल करने के बाद सैलरी 30 से 40 हजार रुपये हो सकती है। किसी पांच सितारा होटल में नौकरी लगने पर सैलरी इससे भी ज्यादा होती है।
प्रमुख शिक्षण संस्थान
वेलकमग्रुप ग्रेजुएट्स स्कूल ऑफ होटल एडमिनिस्ट्रेशन, मणिपाल
इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन, कोलकाता, पश्िचम बंगाल
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
डॉ. अम्बेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग एंड न्यूट्रिशन, चंडीगढ़, पंजाब
इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग एंड न्यूट्रिशन, पूसा, नई दिल्ली