शह-मात, मोहरों की चाल और शातिर दिमाग का खेल है शतरंज। इसमें खिलाड़ी का अच्छा चालबाज होना बेहद जरूरी है। हमारे देश को ऐसे कुछ चालबाज (खिलाड़ी) मिले भी हैं, जिन्होंने दुनिया को अपनी चतुराई का लोहा मनवाया। ऐसी ही एक चालबाज हैं एस विजयलक्ष्मी। आज से 19 साल पहले... वो 24 जुलाई 2000 का दिन था, जब भारत को पहली महिला ग्रैंडमास्टर मिली। इसी दिन एस विजयलक्ष्मी ने शतरंज में ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतकर देश को गौरवान्वित किया था।
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