यूपीएससी चेयरमैन ने क्या कहा था?
यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में यूपीएससी चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया था कि आयोग अभी तक परीक्षा परिणाम से पहले आंसर की जारी न करने की नीति क्यों अपनाता है। उन्होंने कहा कि आयोग पहले आंतरिक जांच और विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा करता है।
डॉ. कुमार ने हाल ही में क्या बताया?
- आयोग अब एक ऑनलाइन पोर्टल खोलता है, जहां अभ्यर्थी प्रश्नों को लेकर अपनी शंकाएं दर्ज कर सकते हैं।
- इन इनपुट्स की समीक्षा विशेषज्ञों की टीम करती है और आवश्यक होने पर आंसर की में संशोधन करती है।
- इसके बाद एक और पैनल उस आंसर की की दोबारा समीक्षा करता है, तभी जाकर उसे अंतिम रूप दिया जाता है।
क्या है असली स्थिति?
फिलहाल यूपीएससी की ओर से किसी भी आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर यह घोषणा नहीं की गई है कि वह प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद आंसर-की जारी करेगा।
इससे साफ है कि अभी तक आयोग की नीति में कोई बड़ा बदलाव आधिकारिक रूप से नहीं हुआ है। आंसर की जारी करने को लेकर आयोग की वर्तमान प्रक्रिया पहले जैसी ही बनी हुई है।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में एक संसदीय पैनल ने सुझाव दिया था कि यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजियां आपत्तियों के लिए तुरंत जारी करे, लेकिन यूपीएससी ने इसे लागू नहीं किया है। आधिकारिक कुंजियां आमतौर पर अंतिम परिणाम के बाद जारी की जाती हैं। यूपीएससी अध्यक्ष के हालिया बयानों से भी पुष्टि होती है कि यूपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया है।
खबर लिखे जाने तक वायरल पोस्ट की प्रामाणिकता को लेकर भी संदेह बना हुआ है। इस संबंध में यदि कोई ताजा जानकारी प्राप्त होती है तो आपके साथ जल्द से जल्द साझा की जाएगी। हर ताजा अपडेट के लिए अमर उजाला से जुड़े रहें...