Students Hunger Strike: सार्क देशों के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अपनी छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी की मांग को लेकर दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के छात्रों का एक समूह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा है। सार्क सदस्य देशों की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक पहल के तौर पर स्थापित इस दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के छात्रों को सार्क स्टूडेंट के तौर पर जाना जाता है।
छात्रों के बीमार पड़ने के बावजूद प्रबंधन कर रहा अनदेखी
दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय के छात्रों की जनरल बॉडी ने कहा कि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों का जवाब नहीं दिए जाने के बाद सात नवंबर से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की गई थी, जोकि लगातार जारी है। स्टूडेंट यूनियन ने आरोप लगाया है कि छात्रों के बीमार पड़ने और गिरने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के समूह से बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है।
ये हैं हड़ताली छात्रों की मांगें
विश्वविद्यालय के छात्र कोविड प्रभावित पीएचडी बैच के लिए भुगतान का विस्तार, जूनियर रिसर्च फेलोशिप के तहत पीएचडी स्कॉलर्स को भुगतान किए गए वजीफे की समानता सुनिश्चित करना और विश्वविद्यालय शिकायत समिति में छात्र प्रतिनिधित्व सहित मास्टर ऑफ आर्ट्स के छात्रों के वजीफे में 7,000 रुपये तक की वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
13 अक्तूबर से धरना-प्रदर्शन, सात नवंबर से अनशन
छात्र संगठन ने एक बयान में कहा कि एक नवंबर से, छात्रों ने कार्यवाहक अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर चौथी मंजिल पर अनिश्चितकालीन धरना दिया था। इसके बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सात नवंबर से शुरू की गई थी। अपनी मांगों को लेकर छात्र 13 अक्तूबर से नियमित रूप से विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकारियों से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।