हॉस्टल की सुपरिटेंडेंट ज्योति रथ ने कहा कि कॉलेज में बीए ऑनर्स की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा ने अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। जब उसने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला तो छात्रों की ओर से दी गई सूचना के बाद दरवाजे को तोड़ा गया। कमरे के अंदर छात्रा मृत अवस्था में मिली।
जानकारी के अनुसार छात्रा ने अपने सुसाईड नोट में लिखा है कि वह काफी समय से उसके तीन सीनियरों द्वारा की जा रही रैगिंग से परेशान थी। वह अपनी परेशानी को अपने परिजनों और साथियों को भी नहीं बता पा रही थी। हालांकि, छात्रा ने किसी का भी नाम नहीं लिया है। मृत छात्रा की मां ने बडगाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर के पुलिस से आरोपियों को तलाशने की गुहार लगाई है।
बता दें इससे पहले भी तीन महीने पहले 22 अप्रैल को बोलांगीर जिले के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में हरियाणा के छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। छात्र एमबीबीएस के प्रथम वर्ष का छात्र था। कथित तौर पर उसे भी सीनियरों द्वारा प्रताड़ित किया गया था।
मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू की है। मृतक की माता ने आरोप लगाया था कि कॉलेज के सीनियरों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें वे छात्रों को देर रात रैगिंग के लिए बुलाते थे। मरने से कुछ ही घंटे पहले छात्र ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर सीनियर्स द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बारे में बताया था।