हैदराबाद। तेलंगाना में कथित तौर पर बेरोजगारी से तंग आकर एक महिला अभ्यर्थी ने मौत को गले लगा दिया, जिसके बाद से हंगामा मच गया है। इसे लेकर बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्षी दलों ने भी राज्य सरकार को घेरा। बवाल बढ़ता देखकर राज्यपाल ने इस मामले में मुख्य सचिव, डीजीपी और तेलंगाना राज्य सेवा आयोग के सचिव से 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
दूसरी तरफ, विपक्षी दलों ने युवती की मौत के लिए के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्ष राज्य लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित परीक्षा का पर्चा लीक होने को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार भर्ती परीक्षा ठीक से आयोजित करने में विफल रही है। भाजपा सांसद के लक्ष्मण ने भी इसी तरह का आरोप लगाते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवती ने कड़ी मेहनत ने परीक्षा की तैयारी की थी लेकिन बार-बार परीक्षा टलने और रद्द होने से उसे यह कदम उठाना पड़ा।
राजभवन की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल तमिलसाई सौंदर्यराजन को ऐसे होनहार युवा जीवन की हानि पर बेहद अफसोस है और वह इस तरह की घटना से उठे मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्यपाल ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को इस तरह हताश नहीं होना चाहिए। उन्हें साहस से काम लेना चाहिए। साथ ही कहा कि वह रोजगार लक्ष्यों को हासिल करने में मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा कि हैदराबाद की घटना छात्रा की आत्महत्या नहीं, युवाओं के सपनों की, उनकी उम्मीदों और आकांक्षाओं की हत्या है। तेलंगाना का युवा बेरोजगारी से पूरी तरह टूट चुका है। पिछले 10 सालों में बीआरएस यानी बीजेपी रिश्तेदार समिति और भाजपा ने मिलकर अपनी अक्षमता से राज्य को तबाह कर दिया है। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार जॉब कैलेंडर जारी करेगी, एक महीने में यूपीएससी की तर्ज पर टीएसपीएससी का पुनर्गठन करेगी और एक साल के भीतर 2 लाख खाली सरकारी पदों को भरेगी। ये गारंटी है।