वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि यूजीसी ने विद्यार्थियों के अगली कक्षा में प्रमोशन की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य कक्षाओं के स्टूडेंट्स के प्रमोशन का निर्णय विश्वविद्यालय ही कर सकेंगे।
दावे के अनुसार, यूजीसी ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने यहां की स्थानीय परिस्थितियों को देखकर परीक्षाएं कराने या विद्यार्थियों को सीधे प्रमोट करने का फैसला ले सकेंगे। अब तक जो स्थिति है, उसमें ज्यादातर विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष को छोड़कर बाकी सभी को बगैर परीक्षा के ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है।
लेकिन बता दें कि यूजीसी ने ऐसा कोई सर्कुलर और पत्र जारी नहीं किया है और न ही कोई गाइडलाइन जारी की है।
यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मंगलवार, 11 मई, 2021 को एक स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि आयोग की ओर से ऐसा कोई सर्कुलर और पत्र जारी नहीं किया गया है और गाइडलाइन भी जारी नहीं की गई है।
हालांकि, यूजीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी ओर से 06 मई, 2021 को एक परामर्श जारी किया गया था। कोरोना संक्रमण की वर्तमान दर को मद्देनजर रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मई माह में होने वाली अपनी सभी ऑफलाइन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।