आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 18 राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक दूसरे वर्ष के छात्र अंग्रेजी के अलावा हिंदी समेत 12 भारतीय भाषाओं में पढ़ाई कर सकेंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बीटेक दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, तेलुगू, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, उड़िया, असमी, उर्दू व मलयालम में पुस्तकें तैयार कराई हैं। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषा विशेषज्ञों की टीम ने काम किया। एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इंजीनियरिंग के छात्रों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाई उपलब्ध करवाने का फैसला लिया था।
इसी के तहत इंजीनियरिंग के पहले वर्ष के छात्रों को पिछले साल आठ भारतीय भाषाओं में पढ़ाई का मौका मिला। 12 भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्रों की पढ़ाई के लिए 1500 शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। फिलहाल बीटेक प्रथम वर्ष में विभिन्न राज्यों के 19 संस्थानों में सात विषयों की पढ़ाई भारतीय भाषाओं में हो रही है। इसमें 255 से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया हुआ है। एआईसीटीई की योजना 500 कॉलेजों में भारतीय भाषाओं में बीटेक की पढ़ाई शुरू करवाने की है। इसके लिए बीटेक तीसरे वर्ष की किताबों का 15 भारतीय भाषाओं में अनुवाद का काम चल रहा है। 500 तकनीकी कॉलेजों के 30 हजार छात्रों को इसमें जोड़ने की तैयारी है।
आईआईटी दिल्ली के छात्र कलश ने जीता दुनिया के सबसे अच्छे कोडर का खिताब
आईआईटी दिल्ली के बीटेक तीसरे वर्ष के छात्र कलश गुप्ता ने दुनिया के सबसे अच्छे कोडर का खिताब जीत लिया है। कलश ने 87 देशों के एक लाख से अधिक कोडर्स की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने शुक्रवार को कलश गुप्ता को बधाई देते हुए सम्मानित किया। कलश ने अपनी उपलब्धि पर कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टॉप तीन पर रहूंगा। कलश को 10,000 डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ प्रतिष्ठित बेस्ट कोडर का खिताब भी मिला है। इसके अलावा टीसीएस अनुसंधान व नवाचार संस्थान में इंटर्नशिप भी मिली है। कलश ने बताया कि शुरू में मैं आश्वस्त नहीं था कि शीर्ष तीन में भी जगह मिलेगी। क्योंकि मैंने पहली समस्या को हल करने में उम्मीद से ज्यादा समय ले लिया, लेकिन जैसे-जैसे मैं आगे बढ़ा, कुछ अन्य समस्याओं को हल करते हुए, मुझे विश्वास था कि मैं शीर्ष 3 में जगह मिलेगी।