IIITDM Kancheepuram 10th Convocation: केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि शिक्षण संस्थानों में देश के विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करवाई जानी चाहिए, ताकि छात्रों को उद्योग जगत के लिए सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत में यह समझने की जरूरत है कि उद्योगों को क्या चाहिए और शैक्षणिक संस्थानों को देश के विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उद्योग जगत में आने में सक्षम छात्रों को तैयार करने की जरूरत है।
सीतारमण शनिवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग यानी आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम (IIITDM, Kancheepuram), चेन्नई के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ग्लोबल यूनिवर्सिटी की तुलना में भारत की उच्च शिक्षा कम या कमजोर नहीं है और दुनियाभर की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के प्रबंधन के मामले में भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले लोग दूसरे सबसे बड़े दावेदार हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इनका कुल मूल्य 250 अरब डॉलर है। ये यूनिकॉर्न पिछले कुछ सालों में 63 अरब डॉलर से अधिक राशि जुटाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका की सिलिकॉन वैली में 25 फीसदी स्टार्टअप की कमान भारतीय मूल के लोगों के हाथों में ही है। देश के लिए बेहद गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि यह भारत की उच्च शिक्षा ही है, जिसने कंपनियों को सर्वश्रेष्ठ अधिकारी दिए। वैश्विक स्तर पर 58 शीर्ष कंपनियों के सीईओ भारतीय मूल के हैं और उनकी शिक्षा-दीक्षा भारत में हुई है। इनमें से 11 ऐसी कंपनियां हैं जो बहुराष्ट्रीय हैं और उनका कुल राजस्व एक ट्रिलियन से अधिक व टर्नओवर चार ट्रिलियन है।