NIRF Ranking 2022: इस आधार पर होती है रैंकिंग तैयार
मंत्रालय ने कहा कि इस वार्षिक रैंकिंग के तहत विभिन्न श्रेणियों और सब्जेक्ट डोमेन में देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) को रैंक तैयार करने के लिए पद्धति की रूपरेखा तैयार की जाती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) इंडिया रैंकिंग 2022 की घोषणा विश्वविद्यालय, कॉलेज और अनुसंधान संस्थानों में प्रबंधन, फार्मेसी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, एआरआईआईए (नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग - ARIIA), कानून समेत कुल मिलाकर, 11 श्रेणियों में निर्धारित मानदंडों के तहत की जाएगी।
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NIRF Ranking की 2015 में हुई थी शुरुआत
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) को MHRD द्वारा अप्रूव किया गया था और 29 सितंबर, 2015 को तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के द्वारा लॉन्च किया गया था। यह ढांचा देश भर के संस्थानों को रैंक करने के लिए एक कार्यप्रणाली की रूपरेखा तैयार करता है। विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों की रैंकिंग के लिए व्यापक मापदंडों की पहचान करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित एक कोर समिति द्वारा व्यापक समझ के आधार पर समग्र रैंकिंग सिफारिश की जाती है। मापदंडों में मोटे तौर पर टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्स (TLR); रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस (RP); ग्रेजुएशन आउटकम्स (GO); आउटरीच और इन्क्लूसिविटी (OI); और पीर परसेप्शन (PP) शामिल हैं।
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