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Earth Hour 2022: जानें क्या है अर्थ आवर, जिस कारण आज रात पूरी दुनिया में एक घंटे के लिए छा जाएगा अंधेरा

Sat, 26 Mar 2022 01:48 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Earth Hour 2022: ऐसे तो अर्थ आवर दुनियाभर में एक वार्षिक रूप से मनाया कार्यक्रम है लेकिन इसका असर लोगों पर लंबे समय तक होता है। इस दिन दुनियाभर में लोग एक घंटे के लिए बिजली की खपत को बंद कर देते हैं।
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Earth Hour 2022 - फोटो : www.earthhour.org
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विस्तार
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Earth Hour 2022: आज का  दिन अपने-आप में बेहद खास है। आज दुनियाभर में अर्थ आवर डे (Earth Hour Day) का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन वर्ल्ड वाइड फंड फोर नेचर (WWF) की ओर से हर साल  मार्च महीने के आखिरी शनिवार को किया जाता है। इसका मकसद दुनिया में लोगों को प्रकृति और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करना है। इसलिए कार्यक्रम के लिए आज 26 मार्च, 2022 के दिन को चुना गया  है।   

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Earth Hour 2022: क्या है अर्थ आवर डे?
ऐसे तो अर्थ आवर दुनियाभर में एक वार्षिक रूप से मनाया कार्यक्रम है लेकिन इसका असर लोगों पर लंबे समय तक होता है। इस दिन दुनियाभर में लोग एक घंटे के लिए बिजली की खपत को बंद कर देते हैं। इस कारण इसे अर्थ आवर कहा जाता है। यह कार्यक्रम दुनिया के कुछ चुनिंदा जमीनी कार्यक्रमों में से एक हैं जिसमें करोड़ों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। इस साल अर्थ आवर आज 26 मार्च, 2022 को रात 8:30 बजे से शुरू होगा। 

Earth Hour 2022: क्या है कारण?
अर्थ आवर डे को मनाने का मुख्य मकसद दुनिया में ऊर्जा की बड़े स्तर पर खपत को बचाना और प्रकृति की सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। अर्थ आवर डे की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा है कि प्रकृति के नुकसान और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा पर जल्द से जल्द प्रकाश डालने को लेकर दुनिया भर के लाखों लोगों, व्यवसायों और नेताओं को एक साथ लाएं। प्रकृति के नुकसान और कोरोना महामारी के बढ़ते असर को देखते हुए अर्थ आवर दुनिया के लोगों को इस मुद्दे पर बोलने के लिए ऑनलाइन एकजुट करेंगा। 
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Earth Hour 2022: कैसै मनाया जाता है कार्यक्रम?
अर्थ आवर का आयोजन साल 2007 से ही हर साल किया जा रहा है। दुनियाभर के सैकड़ों देशों के करोड़ों लोग हर साल इस वैश्विक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। इस दिन दुनिया के कई ऐतिहासिक इमारतों की रौशनी को भी बंद कर दिया जाता है। बिजली बंद करने से कार्बन फुटप्रिंट में को कम करने में मदद मिलती है और ऊर्जा की भी बचत होती है। 
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