दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए दाखिला प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन इस बार एक ही फॉर्म से दाखिला किए जाने की योजना बना रहा है। एक ही फॉर्म होने से दाखिले के समय छात्रों को एक से अधिक फॉर्म नहीं भरने पड़ेंगे। इससे उनके समय की भी बचत होगी। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, कश्मीरी विस्थापित, पीडब्लयूडी कोटे के छात्रों के दाखिले भी कैसे आसान बनाए जाएं, इस पर काम किया जा रहा है।
दरअसल, इस बार यूजी-पीजी, एमफिल-पीएचडी के दाखिलों को पहले से ज्यादा सरल बनाने के लिए डीयू प्रशासन ने अलग से दाखिला शाखा स्थापित की है। इसका काम दाखिले से जुड़ी गतिविधियों को देखना है। दाखिले के समय फॉमों की अधिक संख्या से छात्रों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन की ओर से डीन, फैकल्टी से सुझाव भी मांगे गए। जिस तरह के सुझाव मिलेंगे उसके आधार पर ही प्रशासन आगे की तैयारी शुरू करेगा।
वहीं विभिन्न हितधारकों से प्रशासन को सुझाव मिल रहे हैं कि दाखिला प्रक्रिया व फॉर्म भरने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सरल और पारदर्शी बनाया जाए। कोटे की दाखिला प्रक्रिया (एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, कश्मीरी विस्थापित, पीडब्लयूडी) के दौरान भी काफी पेंच फंसते हैं। ऐसे में इस पर भी विचार किया जा रहा है कि कोटे के छात्रों के लिए दाखिले और किस तरह से आसान हो सकते हैं।