अनेक फायदे, इसलिए नाम भी अपार
डॉ अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि इसके फायदे अनेक होंगे, इसलिए नाम भी अपार रखा है। यह एक प्रकार से छात्र की आईडी है। जिस प्रकार से आधार कार्ड होता है वैसे ही अपार छात्र/लर्नर की आईडी है। आप जो जो सीखते हो वो सब क्रेडिट के माध्यम से उसमें डिपॉजिट करने की व्यवस्था है।
जिस प्रकार बैंक की व्यवस्था होती है, यह भी ठीक उसी प्रकार काम करता है। आप कह सकते हैं कि इसमें बैंक का नाम एकेडमिट बैंक ऑफ क्रेडिट्स है और अपार एक खाता संख्या है।
छात्र का अकादमिक सीवी होगा अपार
एसबीआई, आंध्र, पीएनबी या अन्य किसी बैंक में हम पैसा जमा करते हैं। एकेडमिट बैंक ऑफ क्रेडिट्स में सीखा हुआ सब कुछ जमा होगा। फिर चाहे वह फॉर्मल एजुकेशन, इम्फॉर्मल एजुकेशन, स्पोर्ट्स, स्किल एजुकेशन, सर्टिफिकेशन, म्यूजिक, डांस सहित जिन भी चीजों में छात्र प्रतिभाग करता है, उसका क्रेडिटाइजेशन करके एकेडमिट बैंक ऑफ क्रेडिट्स में जमा किया जाता है। इसे आप छात्र का एकेडमिक सीवी समझ सकते हैं।
जब छात्र उच्च शिक्षा या नौकरी इंटरव्यू के लिए जाएगा, तो उसका सारा रिकॉर्ड एक जगह पर मौजूद होगा। इससे काम आसान होगा। जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएंगे तो एम्पलॉयर आपकी शिक्षा, ट्रेनिंग, स्किल्स, प्रमाणपत्र इत्यादि सभी विवरण एक जगह देख पाएगा।