छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह निर्णय डीयू छात्रों के भविष्य को सशक्त करने वाला है। यह सफलता संगठित छात्र शक्ति की दृढ़ आवाज का परिणाम है। छात्र संघ की सचिव मित्रविंदा कर्णवाल ने कहा कि डीयू प्रशासन से हमने निरंतर यह मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जुड़ी भ्रम की स्थिति को समाप्त करते हुए छात्रों को स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्देश प्रदान करे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि एबीवीपी प्रारंभ से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध रही है। वर्ष 2022 में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को अब सातवें सेमेस्टर में प्रवेश देने का निर्णय हमारे लंबे संघर्ष का परिणाम है।
UGCF 2022 क्या है?
अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) 2022 दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार किया गया एक नया स्नातक पाठ्यक्रम ढांचा है। इस ढांचे के तहत स्नातक की पढ़ाई को चार वर्षों में विभाजित किया गया है। इसमें छात्रों को अंतिम वर्ष (चौथे वर्ष) में जाकर अनुसंधान (Research) या किसी विषय में विशेषज्ञता (Specialization) प्राप्त करने का विकल्प दिया जाता है।