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Delhi: छात्रों को मोबाइल लाने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं ज्यादातर स्कूल; कुछ ने शर्तों के साथ दी सहमति

Mon, 05 May 2025 08:21 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो

सार

Delhi Schools: दिल्ली के अधिकतर स्कूल छात्रों को स्मार्टफोन लाने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं, कुछ स्कूलों ने सीमित शर्तों के साथ अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। अभिभावकों ने भी स्क्रीन टाइम और अनुशासन पर चिंता जताई है।
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Schools Smartphone Policy - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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Delhi Schools Smartphone Policy: छात्रों को स्मार्टफोन लाने की अनुमति देने के पक्ष में दिल्ली के ज्यादातर स्कूल नहीं है। हालांकि, कुछ स्कूलों ने शर्तों के साथ छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन लाने को लेकर मसौदा तैयार किया है। दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर नीति विकसित करने और उसे स्कूल स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए थे।

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निदेशालय को कोर्ट से स्मार्टफोन के इस्तेमाल के संबंध में आदेश प्राप्त हुआ था। मयूर विहार फेज तीन स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. सतवीर शर्मा ने कहा कि स्कूल में छात्रों को शर्तों के साथ स्मार्टफोन लाने की अनुमति दी है। स्कूल में स्मार्टफोन लाने के बाद उसे लॉकर में जमा कराना होगा और फिर छुट्टी के बाद स्कूल से फोन ले जा सकेंगे। इस बीच कोई इमरजेंसी होगी तो वह स्कूल के लैंडलाइन नंबर का इस्तेमाल कर सकते है। अभिभावकों के बीच भी यह नंबर साझा किया गया है।

छात्र केवल कीपैड वाला फोन ला सकते है

पटपड़गंज स्थित नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. वीना मिश्रा ने बताया कि छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन की अनुमति न देने का निर्णय लिया है। इससे छात्रों के बीच सामाजिक विषमता बढ़ेगी। फोन के गलत इस्तेमाल होने का डर भी बना रहेगा। अगर किसी छात्र के अभिभावक फोन देने के लिए मजबूर है तो वह केवल कीपैड वाला फोन ला सकता है। इमरजेंसी के लिए स्कूल की हर मंजिल पर एक फोन उपलब्ध कराया गया है।

कक्षा में इस्तेमाल पर रहेगी रोक

शिवाजी पार्क स्थित लिटिल फ्लावर्स पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक रोहित दुआ ने कहा कि स्कूल में छात्रों के स्मार्टफोन लाने की अनुमति पर सहमति है। हालांकि, कक्षा में छात्र उसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। फोन को स्विच ऑफ करके रखना होगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षक से अनुमति लेकर परिजन को फोन कर सकेंगे।
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अभिभावकों ने अनुमति न देने की इच्छा की जाहिर

नरेला स्थित कस्तूरी राम इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य सुचित्रा कत्याल ने कहा कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर हाल में आयोजित पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग में चर्चा हुई थी। इसमें ज्यादातर अभिभावकों ने बच्चों को स्मार्टफोन की अनुमति न देने की इच्छा जाहिर की है। अभिभावकों ने स्क्रीन टाइम बढ़ने से लेकर उसके गलत इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की। इसके बाद स्कूल ने फोन की अनुमति न देने का निर्णय लिया है।

अधिकतर स्कूल केवल जरूरतमंदों को अनुमति देने पर कर रहें विचार

एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड के रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने कहा कि ज्यादातर स्कूल छात्रों द्वारा स्कूल में स्मार्टफोन लाने के पक्ष में नहीं है। केवल जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कूल के प्रवेश द्वार पर गार्ड रूम में फोन जमा करने की व्यवस्था की जा रही है। स्कूल में आने के बाद ऐसे छात्रों को फोन जमा कराना होगा फिर छुट्टी के बाद अपना फोन ले जा सकेंगे।

बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए आते हैं, फोन लाना जरूरी हो तो रिसेप्शन पर जमा करवाएं

दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का कहना है कि स्कूल में स्मार्टफोन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए आते है। अगर किसी को सुरक्षा कारणों से अपने साथ स्मार्ट फोन लाना है तो उसे स्कूल के रिसेप्शन पर जमा करवाया जाए और छुट्टी के बाद छात्र को फोन लौटा दिया जाए।
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