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Delhi Coaching Accident: क्यों अचानक चर्चा में आ गए विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा, क्या हैं उनके स्पष्टीकरण?

Wed, 31 Jul 2024 01:22 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi Coaching Accident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने के कारण तीन छात्रों की मौत हो गई। इस मामले पर चर्चित शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा की चुप्पी पर भी सवाल उठे।
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Delhi Coaching Accident - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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Delhi Coaching Accident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश का पानी भरने के कारण यूपीएससी की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत हो गई। लचर व्यवस्था के कारण हुई साथियों की मौत पर यूपीएससी के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे विवाद के बीच चर्चित शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा की चुप्पी पर भी सवाल उठे। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों शिक्षकों को काफी ट्रोल किया जा रहा है।

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कौन हैं डॉ विकास दिव्यकीर्ति?, Who is Vikas Divya Kirti?

विकास दिव्यकीर्ति एक पूर्व सिविल सेवक, शिक्षक, लेखक, व्याख्याता, यूट्यूबर हैं। वह केंद्रीय सचिवालय सेवा के सदस्य थे और वर्तमान में दिल्ली स्थित यूपीएससी कोचिंग संस्थान दृष्टि आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट के उद्यमी और कोचिंग प्रमुख हैं। वह देश के प्रतिष्ठित और सम्मानित और लोकप्रिय शिक्षकों में से एक हैं।

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति 26 दिसंबर, 1973 को हरियाणा में एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे। इनके पिता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्य प्रोफेसर थे, जबकि उनकी मां भिवानी में एक पीजीटी शिक्षक थीं। विकास दिव्यकीर्ति के दो बड़े भाई हैं - एक अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और दूसरा सीबीआई में डीआईजी है।

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने हिंदी में बीए किया। अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए, उन्होंने अंग्रेजी और हिंदी में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ-साथ एमए, एमफिल और पीएचडी की योग्यता प्राप्त की है।

1999 में दृष्टि आईएएस की स्थापना, Drishti IAS

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने दिल्ली विश्वविद्यालय में अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की थी। साथ ही, पारिवारिक उम्मीदों से प्रभावित होकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। साल 1996 में AIR 384 हासिल की और गृह मंत्रालय में कुछ समय काम करने के बाद, उन्होंने शिक्षण के अपने जुनून का पालन करने का फैसला किया और 1999 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में दृष्टि आईएएस कोचिंग सेंटर की स्थापना की।

कौन हैं अवध ओझा?, Who is Avadh Ojha

अवध ओझा भी देश के सबसे पसंद किए जाने वाले शिक्षकों में से एक हैं। उनका पूरा नाम अवध प्रताप ओझा है। यह एक भारतीय यूपीएससी कोच, यूट्यूबर, और शिक्षक हैं। इनका संबंध यूपी के गोंडा जिले से हैं। यूपीएससी ने निराशा मिलने पर इन्होंने इलाहाबाद में कोचिंग में पढ़ाना शुरू किया। कोविड में जब ऑफलाइन क्लासेज बंद हो गई थी, तब अपने अलग शिक्षण शैली के कारण काफी तेजी से यूट्यूब पर पॉपुलर हो गए।

दुर्घटना पर चुप्पी के कारण छात्रों ने जताया विरोध

यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों ने दुर्घटना पर कोई भी प्रतिक्रिया न देने पर डॉ. विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा की काफी आलोचना की और कुछ छात्रों ने विकास दिव्यकीर्ति के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया। छात्रों को कहना है कि ये शिक्षक हमारे अभिभावक जैसे हैं। ऐसे हालातों में इनकी प्रतिक्रिया में देरी होना काफी निराशाजनक है। हालांकि, सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद शिक्षकों ने इस घटना पर अपना जवाब दिया है।

क्या बोले विकास दिव्यकीर्ति?

एएनआई को दिए इंटरव्यू में डॉ. विकास दिव्यकीर्ति से पूछा गया कि छात्रों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? इस पर उन्होंने कहा, मैं इस चीज पर बचता हूं कि सारी गलती किसी एक पर ही डाल दी जाए। जैसे सोशल मीडिया मुझ पर थोप रहा है। आप भी किसी पर थोपना चाहते हैं तो थोप सकते हैं। लेकिन मैं नहीं थोपूंगा।

इसके अलावा, दृष्टि आईएएस के एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि, 'हमें खेद है कि हमने अपना पक्ष रखने में देरी की। वस्तुतः हम नहीं चाहते थे कि अधूरी जानकारी के आधार पर कुछ कहें। इस देरी के लिये हम हृदय से क्षमाप्रार्थी हैं। शनिवार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें 3 विद्यार्थियों श्रेया यादव, तान्या सोनी और निविन डाल्विन की असमय व दर्दनाक मृत्यु हुई, पर हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम तीनों बच्चों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवारजनों को यह अपूरणीय क्षति झेलने का हौसला प्रदान करें।'

आगे कहा, 'इन बच्चों के परिवारों से हमारा प्रत्यक्ष परिचय नहीं है किंतु दुख की इस घड़ी में हम पूरी तरह उनके साथ हैं। यदि हम किसी भी तरह उनके लिये कुछ कर सकेंगे तो कृतज्ञता महसूस करेंगे। इस दुर्घटना को लेकर विद्यार्थियों में जो रोष दिख रहा है, वह पूरी तरह न्यायसंगत है। बहुत अच्छा होगा यदि इस रोष को सटीक दिशा मिले और सरकार कोचिंग संस्थाओं के लिये निश्चित दिशानिर्देश लागू करे। इस संबंध में हम सरकार के साथ सक्रिय सहयोग करने को तत्पर हैं।'

अवध ओझा ने क्या कहा?

चुप्पी के आरोप झेल रहे शिक्षक अवध ओझा ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर अपना पक्ष रखा। ओझा ने कठोर कानून बनाकर ऐसे हादसों के जिम्मेदारों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास के प्रविधान करने की मांग की है।

आईएएस कोचिंग चलाने वाले अवध ओझा ने बयान देकर चार मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि -
  • कोचिंग के लिए सभी जरूरी मानक तय होने चाहिए।
  • एक कक्षा में 100 बच्चों से अधिक नहीं बैठने चाहिए।
  • एडमिशन फॉर्म में कोचिंग सेंटरों को एक अंडरटेकिंग देनी चाहिए कि हादसा होने पर जिम्मेदारी उनकी होगी।
  • पूरी प्रक्रिया पर एक कठोर कानून बनना चाहिए।
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दुर्घटना मामले में अब तक क्या हुआ?

1. कोचिंग मालिक अभिषेक गुप्ता और कॉर्डिनेटर देशपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने BNS की धारा 105, 106(1), 152, 290 और 35 के तहत FIR दर्ज की है।

2. दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को मजिस्ट्रेट जांच शुरू करने के आदेश दिए और जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

3. LG वीके सक्सेना ने डिविजनल कमिश्नर को जांच के आदेश दिए। मंगलवार तक डिविजनल कमिश्नर से रिपोर्ट पेश करने को कहा।

4. मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली सरकार की को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कई सवाल उठाए गए हैं।

5. MCD ने बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे 13 कोचिंग सेंटरों को सील किया। साथ ही संस्थानों पर नोटिस चस्पा कर उनसे जवाब मांगा गया है।

6. एक जूनियर इंजीनियर टर्मिनेट, एक असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड मेयर शैली ओबेरॉय ने अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने को कहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

7. बिहार सरकार ने पटना समेत सभी जिलों में स्थित कोचिंग सेंटर की जांच का निर्देश दिया था। इसमें देश के एक अन्य पॉपुलर शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थानों की भी जांच की गई।

8. कोचिंग संस्थानों को लेकर कानून लाने की तैयारी कर रही सरकार।
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