2020 में उत्तराखंड में खुला था पहला वर्चुअल स्कूल
हालांकि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह दावा पूरी तरह से झूठा है। दिल्ली में खोला गया वर्चुअल स्कूल देश का पहला वर्चुअल स्कूल नहीं है। दिल्ली से पहले देश में और भी वर्चुअल स्कूल खोले जा चुके हैं। सबसे पहले 2020 में भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में देश के पहले वर्चुअल स्कूल की शुरुआत की थी। अमर उजाला डॉट कॉम ने इस संबंध में कई खबरें प्रकाशित की थीं। इस स्कूल के जरिये भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान, भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं की शिक्षा दी जा रही है।
2021 में केंद्र सरकार ने NIOS में खोला वर्चुअल स्कूल
वहीं, 2021 में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनआईओएस (NIOS) में वर्चुअल स्कूल (virtual.nios.ac.in) का उद्घाटन किया था। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर जानकारी भी दी थी। प्रधान ने तब कहा था कि 3-9 वर्ष के 7.5 करोड़ छात्रों को पढ़ने, लिखने और अंकगणित में निपुण बनाने के लिए ई संसाधन हों या शिक्षक और शिक्षार्थी की दूरी को कम करने तथा छात्रों का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करने कि दिशा में शुरू हुए वर्चुअल स्कूल यह सब मोदी सरकार की शिक्षा की ओर प्रतिबद्धता को दृष्टिगत करता है।
4.46 लाख असाइनमेंट/टीएमए अपलोड किए गए
बता दें कि वर्तमान में एनआईओएस से संबद्ध 7000 से अधिक अध्ययन केंद्र हैं जो समर्पित रूप से अकादमिक सहायता प्रदान कर रहे हैं और 1500 से अधिक अध्ययन केंद्र एनआईओएस वर्चुअल ओपन स्कूल के शिक्षार्थियों को कौशल आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सहायता प्रदान कर रहे हैं। एनआईओएस द्वारा मान्यता प्राप्त इन अध्ययन केंद्रों द्वारा लाइव इंटरएक्टिव कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शैक्षणिक वर्ष 2021 में एनआईओएस वर्चुअल ओपन स्कूल के पहले सत्र में, पंजीकृत शिक्षार्थियों द्वारा 2.18 लाख असाइनमेंट/टीएमए अपलोड किए गए थे। हाल ही में पूरे हुए शैक्षणिक सत्र में एनआईओएस शिक्षार्थियों द्वारा 4.46 लाख असाइनमेंट/टीएमए अपलोड किए गए हैं।