फेडरेशन ने कहा कि नीट सुपर-स्पेशलिटी काउंसलिंग 2021 और उम्मीदवारों के प्रवेश में हो रही देरी से गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल सेवाओं पर प्रभाव पड़ेगा। फेडरेशन ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को लिखे पत्र में इस मुद्दे के जल्द से जल्द समाधान के लिए उचित उपाय करते हुए छात्रों की काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
बता दें कि नीट सुपर-स्पेशलिटी काउंसलिंग 2021 पहले जुलाई 2021 में आयोजित होने वाली थी और शैक्षणिक सत्र पिछले साल अगस्त में शुरू होने वाला था। हालांकि, नीट एसएस परीक्षा इस साल जनवरी में आयोजित की गई थी और परिणाम 01 फरवरी, 2022 को घोषित किया गया था। इसके बावजूद काउंसलिंग शुरू नहीं हो सकी। क्योंकि, तमिलनाडु के इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए आरक्षण से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया अटकी हुई है।
फोर्डा ने अपने पत्र में लिखा कि अदालत में सुनवाई स्थगित और लंबित होने के कारण वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश में सात महीने की देरी हुई है। कोविड-19 महामारी की कई लहरों के दौरान, सुपर-स्पेशलिटी उम्मीदवारों के वर्तमान बैचों के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रभावित हुए हैं। वहीं, नए बैच के प्रवेश नहीं होने के कारण, उन पर काम का अत्यधिक दबाव है। इसलिए मामले में दखल देकर जल्द काउंसलिंग शुरू करवाने का प्रयास करें।
बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड द्वारा सुपर स्पेशियलिटी कोर्स (नीट एसएस) में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके जरिये उम्मीदवारों को मेडिकल क्षेत्र में परम विशेषज्ञता पाठ्यक्रम मास्टर ऑफ चिरुर्गिया (एमसीएच) / डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (डीएम) आदि पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है। उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होकर देश भर के विभिन्न सरकारी, निजी और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) संस्थानों आदि में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।