सुझाव देकर बच्चों को देते हैं सांत्वना
जावेद अख्तर ने बताया कि यदि परिणाम समय पर घोषित किए जाते, तो छात्रों को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। वे शिक्षकों के पास आते हैं और उनकी मदद मांगते हैं। हम उन्हें जो दे सकते हैं, वह हमारे सुझाव हैं। हम कहते हैं कि प्रतीक्षा करें, क्योंकि हम शिक्षा प्रणाली से परे नहीं जा सकते। लेकिन इस प्रकार के परीक्षा आयोजित करने वाले अधिकारियों को निर्धारित समय पर परिणाम जारी करना चाहिए।
यदि कोई छात्र सीयूईटी परीक्षा में कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे क्या करना चाहिए?
यदि कोई छात्र सीयूईटी में कम अंक प्राप्त करता है, तो उन्हें चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्हें अपने इच्छित विषय से संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का विकल्प चुनना चाहिए। छात्रों को विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा पेश किए जाने वाले विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी के लिए ऑनलाइन खोज करनी चाहिए।
तैयार रखें 'प्लान बी'
छात्रों को राज्य विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया पर भी नजर रखनी चाहिए। उनके पास अपनी प्रवेश प्रक्रिया होती है। ऐसे में अगर किसी छात्र के सीयूईटी में कम आते हैं और उसे अपने पसंदीदा कॉलेज और पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलता है, तो वे स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेकर अपना एक साल बचा सकते हैं। छात्रों को इसे 'प्लान बी' की तरह इस्तेमाल करना चाहिए।
जिन छात्रों के पास कोई 'प्लान बी' नहीं है वो क्या कर सकते हैं?
जो छात्र CUET के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं और उनके पास इसके अलावा कोई और योजना नहीं है, उन्हें अपना प्लान बी जरूर तैयार रखना चाहिए। छात्रों को सिर्फ सीयूईटी-यूजी पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। कई केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। छात्रों को इन परीक्षाओं के लिए भी खुद को तैयार रखना चाहिए।
सीयूईटी परीक्षा की तैयारी कैसे करनी चाहिए?
छात्रों को परीक्षा आयोजित करने वाले प्राधिकारी द्वारा निर्धारित परीक्षा पैटर्न (सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्न) का पालन करना चाहिए। उन्हें पिछले पांच वर्षों के परीक्षा पत्रों को देखना चाहिए। उन्हें जितना संभव हो उतना अभ्यास करना चाहिए और मॉक पेपर के लिए उपस्थित होना चाहिए।