सीबीएसई की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की तलाश में दिल्ली और एनसीआर में लगातार छापेमारी कर रही है।
वहीं पेपर लीक मामले में सीबीएसई ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पास 23 मार्च को एक फैक्स आया था। इस फैक्स में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाने वाले शख्स पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सीबीएसई की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
10वीं और 12वीं के पेपर लीक मामले में फजीहत झेलने के बाद सीबीएसई की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। मंगलवार को अधिकारियों ने 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की शिकायत की थी। बुधवार को 10वीं गणित का पेपर भी लीक होने की शिकायत की गई। दिल्ली पुलिस ने दोनों मामलों की जांच के लिए फौरन एक एसआईटी का गठन कर दिया। इसकी देखरेख अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार करेंगे।
आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को सीबीएसई की ओर से इकोनॉमिक्स का पेपर होने की शिकायत पर आईपीसी की धारा-406, 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। बुधवार को 10वीं का गणित का पेपर लीक होने की शिकायत पर भी इन्हीं धाराओं में मामला दर्ज किया गया। एसआईटी में दो डीसीपी, चार एसीपी और 6 इंस्पेक्टर समेत दर्जनों पुलिसकर्मी होंगे। बुधवार से ही एसआईटी ने काम शुरू कर दिया है।
बता दें कि इससे पूर्व 15 मार्च को अकाउंटेंसी का पेपर लीक होने की खूब चर्चा हुई थी। हल्ला होने के बाद सीबीएसई ने इसे अफवाह करार देने के बाद मधु विहार थाने में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ शिकायत दी थी। इधर, सोमवार को इकोनॉमिक्स का पेपर हुआ तो दुबारा पेपर लीक होने की चर्चा हुई।
सीबीएसई ने इसे गलत करार दिया, लेकिन मंगलवार को चुपचाप अपराध शाखा को शिकायत भी दे दी। बुधवार को गणित का पेपर लीक होने पर मामला शीर्ष स्तर पर पहुंचा तो हंगामा मच गया। आनन-फानन में मामला दर्ज कर एसआईटी का गठन कर दिया गया।