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CBSE पेपर लीक: दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज, आरोपियों की तलाश में दिल्ली क्राइम ब्रांच की छापेमारी जारी

Thu, 29 Mar 2018 11:31 AM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सीबीएसई की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की तलाश में दिल्ली और एनसीआर में लगातार छापेमारी कर रही है। 
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वहीं पेपर लीक मामले में सीबीएसई ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पास 23 मार्च को एक फैक्स आया था। इस फैक्स में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाने वाले शख्स पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सीबीएसई की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

10वीं और 12वीं के पेपर लीक मामले में फजीहत झेलने के बाद सीबीएसई की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। मंगलवार को अधिकारियों ने 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की शिकायत की थी। बुधवार को 10वीं गणित का पेपर भी लीक होने की शिकायत की गई। दिल्ली पुलिस ने दोनों मामलों की जांच के लिए फौरन एक एसआईटी का गठन कर दिया। इसकी देखरेख अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार करेंगे।
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आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को सीबीएसई की ओर से इकोनॉमिक्स का पेपर होने की शिकायत पर आईपीसी की धारा-406, 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। बुधवार को 10वीं का गणित का पेपर लीक होने की शिकायत पर भी इन्हीं धाराओं में मामला दर्ज किया गया। एसआईटी में दो डीसीपी, चार एसीपी और 6 इंस्पेक्टर समेत दर्जनों पुलिसकर्मी होंगे। बुधवार से ही एसआईटी ने काम शुरू कर दिया है।

बता दें कि इससे पूर्व 15 मार्च को अकाउंटेंसी का पेपर लीक होने की खूब चर्चा हुई थी। हल्ला होने के बाद सीबीएसई ने इसे अफवाह करार देने के बाद मधु विहार थाने में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ शिकायत दी थी। इधर, सोमवार को इकोनॉमिक्स का पेपर हुआ तो दुबारा पेपर लीक होने की चर्चा हुई। 

सीबीएसई ने इसे गलत करार दिया, लेकिन मंगलवार को चुपचाप अपराध शाखा को शिकायत भी दे दी। बुधवार को गणित का पेपर लीक होने पर मामला शीर्ष स्तर पर पहुंचा तो हंगामा मच गया। आनन-फानन में मामला दर्ज कर एसआईटी का गठन कर दिया गया।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आनन-फानन में 10वीं की गणित व 12वीं की इकोनॉमिक्स की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले से शिक्षक, अभिभावक और बच्चे हैरान हैं। अभिभावक तो सीबीएसई के सिस्टम पर ही सवाल उठा रहे हैं। उधर, छात्र कह रहे हैं कि कुछ लोगों की गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ेगी। 

10वीं की छात्रा शैली ने कहा कि दोबारा परीक्षा काफी निराशाजनक है। मेरा पेपर काफी अच्छा हुआ था। गणित की आखिरी परीक्षा थी। अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी। पता नहीं कैसा पेपर आएगा? इस बात की गारंटी भी नहीं कि दोबारा पेपर लीक नहीं होगा? 12वीं के छात्र पुलकित ने कहा कि मैंने इकोनॉमिक्स के पेपर के लिए काफी मेहनत की थी। 

इकोनॉमिक्स साइंस, आर्ट्स व कॉमर्स तीनों एस्ट्रीम के छात्र लेते हैं। 26 मार्च को परीक्षा के बाद तनाव काफी कम था। दोबारा परीक्षा की बात से फिर तनाव हावी हो गया है। एक अन्य छात्र अन्मय ने कहा कि जिन्होंने पेपर लीक किया, उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए।

एक अभिभावक ने कहा कि सीबीएसई की गलती बच्चों पर थोपी जा रही है। जिन बच्चों ने ईमानदारी से पेपर किया, उनकी क्या गलती है। एक अन्य अभिभावक ने कहा कि जिनके सौ फीसदी अंक आएंगे, उनकी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच करा लेनी चाहिए थी। 

इकॉनामिक्स की एक शिक्षिका ने कहा कि पेपर के पहले दिन बच्चों ने तीन न्यूमेरिकल हल करने के बारे में जानकारी ली। अगले दिन पेपर में पता चला कि वही पेपर में पूछे गए हैं। इससे बच्चे व शिक्षक दोनों हैरान थे। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के बाद उन्होंने बाहर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब सारा कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा।
 
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