भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरू के स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर है। इस संस्थान को कई कोर्सेज को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के दायरे से बाहर कर दिया गया है। अब संस्थान यहां से पढ़े विद्यार्थियों की अतिरिक्त फीस वापस कर रहा है।
पहले IIMB के सिर्फ फ्लैगशिप प्रोग्राम्स, पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (PGP) और फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (FPM) को जीएसटी के दायरे से बाहर किया गया था। लेकिन अब इसे संस्थान के तीन अन्य लंबे ड्यूरेशन क प्रोग्राम्स पर लागू कर दिया गया है। ये तीन कोर्सेज हैं - पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट (PGPPM), एक्जीक्यूटिव पीजीपी और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन एंटरप्राइज मैनेजमेंट (PGPEM)।
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GST हटने से संस्थान को 4.03 करोड़ रुपये का टैक्स वापस किया जाने वाला है, जो IIMB ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 में भरा था। इसके परिणाम स्वरूप आईआईएम बेंगलुरू ने भी मार्च 2019 में इन तीनों कोर्सेज से पास आउट स्टूडेंट्स को उनकी अतिरिक्त फीस वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक संस्थान द्वारा 235 स्टूडेंट्स को करीब 3.93 करोड़ रुपये वापस किये जा चुके हैं। स्टूडेंट्स को फीस की उतनी ही रकम वापस की जा रही है जो उन्होंने फीस के साथ जीएसटी के रूप में संस्थान में भरी थी।
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सत्र 2018-19 के लिए एक एग्जीक्यूटिव पीजीपी स्टूडेंट ने फीस (19.6 लाख रुपये) का 18 फीसदी टैक्स भरा था। यानी एक स्टूडेंट ने करीब 3.5 लाख रुपये सिर्फ टैक्स के रूप में दिया था। IIMB के निदेशक जी रघुराम ने इस संबंध में कहा है कि यह एक सकारात्मक पहल है।