आरएएस मुख्य परीक्षा के अधिकांश उम्मीदवार चाहते हैं कि इसे 25-26 फरवरी को तय समय के अनुसार आयोजित किया जाए। इसे स्थगित करना उम्मीदवारों के हित में नहीं है क्योंकि इससे उन पर वित्तीय और मानसिक दबाव पड़ेगा। इसलिए, कुछ उम्मीदवारों द्वारा परीक्षा स्थगित करने की मांग उचित नहीं है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पूरा बयान
सीएम गहलोत ने कहा कि आरएएस प्रीलिम्स 2021 और आरएएस मेन्स 2021 के बीच गैप बढ़ने से आरपीएससी द्वारा निर्धारित परीक्षाओं का पूरा कैलेंडर खराब हो जाएगा। यदि आरएएस मुख्य परीक्षा समय पर आयोजित नहीं की जाती है, तो इससे आरपीएससी द्वारा जारी भर्ती कैलेंडर की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी हो सकती है।
दरअसल, आरएएस उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा को स्थगित करने के लिए एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया। स्थगन की इस मांग के पीछे मुख्य कारण पाठ्यक्रम में अचानक बदलाव के कारण तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलने की उम्मीद थी। अपनी मांगों को लेकर छात्र 10 फरवरी से जयपुर में सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें पाठ्यक्रम बदलने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन इस बदलाव के बाद सिर्फ 93 दिन में परीक्षा का आयोजन नहीं होना चाहिए।