2022 की सीएसई परीक्षा में 216 से अधिक पदों पर चयन का दावा
मंत्रालय के अनुसार, दृष्टि आईएएस ने अपने विज्ञापन में "यूपीएससी सीएसई 2022 में 216+ सिलेक्शन" का दावा करते हुए सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरें प्रकाशित की थीं। सीसीपीए की जांच में यह पाया गया कि यह दावा अधूरी और गुमराह करने वाली जानकारी पर आधारित था।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि संस्थान ने यह उल्लेख नहीं किया कि इन उम्मीदवारों ने किस प्रकार की कोर्स सामग्री (ऑफलाइन/ऑनलाइन/टेस्ट सीरीज आदि) ली थी और उनकी तैयारी की वास्तविक अवधि क्या थी। यानी जिन अभ्यर्थियों की तस्वीरें और नाम विज्ञापन में दिखाए गए, उनमें से कई केवल टेस्ट सीरीज या शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम से जुड़े थे, न कि पूर्ण कोर्स से।
सीसीपीएस का कहना है कि इस तरह की प्रैक्टिस उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है और संस्थान की सेवाओं के बारे में गलत छवि बनाती है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत ऐसे भ्रामक दावों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है ताकि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र सही जानकारी पर आधारित निर्णय ले सकें।
जांच में क्या आया सामने?
जांच में पाया गया कि दृष्टि आईएएस ने अपने विज्ञापन में 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में 216 से अधिक सिलेक्शन देने का दावा किया था। लेकिन हकीकत यह रही कि इन 216 उम्मीदवारों में से 162 (करीब 75%) केवल संस्थान के मुफ्त Interview Guidance Programme (IGP) का हिस्सा थे, यानी उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा स्वतंत्र रूप से पास करने के बाद सिर्फ इंटरव्यू की तैयारी के लिए इस प्रोग्राम को जॉइन किया था। केवल 54 छात्र ही अन्य नियमित कोर्सों में दाखिल थे।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
सितंबर 2024 में भी संस्थान पर यूपीएससी 2021 रिजल्ट में “150+ selections” का दावा करने पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उस समय जांच में पाया गया था कि 161 उम्मीदवारों के नाम दिए गए थे, लेकिन उनमें से 148 केवल आईजीपी से जुड़े थे और बहुत कम छात्र नियमित पाठ्यक्रम में नामांकित थे।
अब तक 54 संस्थानों पर कार्रवाई
अब तक सीसीपीए ने 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं और भ्रामक विज्ञापनों व अनुचित व्यापार प्रथाओं के मामलों में 26 संस्थानों पर कुल 90.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने सभी कोचिंग संस्थानों को सचेत किया है कि वे अपने विज्ञापनों में पारदर्शिता बरतें ताकि छात्र सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।