सफलता डॉट कॉम द्वारा सीजिंग द राइट अपॉरचुनिटी विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सेशन में जॉब्सगार कंपनी के सीईओ और सह संस्थापक अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि भारत में युवाओं की संख्या ज्यादा है और इसे वो एक प्राकृतिक रिसोर्स मानते हैं आने वाले 2-3 दशक भारत के होने वाले हैं। क्योंकि दूसरे देश युवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में ज्यादातर युवा कॅरिअर को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते हैं। यहां लोग जॉब को लोग ज्यादा महत्व देते हैं जबकि कॅरिअर को अनदेखा कर देते हैं। अतुल ने कहा कि 2023 में भी देश के ज्यादातर युवाओं की निर्भरता अधिक है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। आने वाले सालों में सरकारी नौकरियों की संख्या लगातार कम होती जाएंगी। सरकारी नौकरी सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होती है लेकिन निजी क्षेत्रों में अवसरों की कमी नहीं है। उन्होंने अमेरिका की जनसंख्या के आधार पर कहा कि यूएस से भारत की जनसंख्या बहुत है जबकि भारत अमेरिका से 20-25 साल पीछे चल रहा है। वहां बीते 20-25 सालों से सरकारी क्षेत्र की नौकरियों पर लोगों की निर्भरता कम हुई है। वही काम युवाओं को भारत में करना होगा। अगर आपको एक सरकारी नौकरी नहीं मिली तो आपका कॅरिअर रिस्क पर नहीं आ जाएगा। आपके लिए प्राइवेट क्षेत्रों के सैकड़ों दरवाजे खुलते हैं। जिनकी ओर युवाओं को ध्यान देना चाहिए।
इंटर्नशिप से कॉरपोरेट का आपको पहला एक्सपोजर मिलता है। आमतौर पर युवा इंटर्नशिप को गंभीरता से नहीं लेते। युवाओं को इंटर्नशिप के लिए जो 2-3 महीने का समय मिलता है। उसका सदुपयोग नहीं कर पाते। खासकर छोटे शहरों से निकलकर बड़े शहरों में आने वाले अधिकतर युवा इंटर्नशिप पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पाते। अतुल ने कहा कि ये जरूरी नहीं कि युवा इंटर्नशिप में जाकर हर दिन 10 घंटे काम करे लेकिन जितनी देर काम करें पूरे मन लगाकर करें। ताकि उसका लाभ कंपनी और आपको मिले।
अतुल ने कहा कि 2023 में भी और आने वाले समय में अधिकतर कंपनी के टॉप लेवल पर युवा लीडर दिखाई देंगे। ऐसी कंपनियां डिग्री को नहीं ढूंढ़ रहीं हैं। उन्हें आपके टैलेंट और एक्स्ट्रा सर्टिफिकेशन से ज्यादा फर्क पड़ने वाला है। यानी आपके अंदर ऐसा क्या है जो आपको दूसरों से अलग बनाता है। आपने ऐसी कौन सी स्किल सीखी है जो डिग्री से अलग है।
जॉब्सगार के सहसंस्थापक अतुल ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग का आने वाले 25 सालों में बहुत वाइड स्कोप है। क्योंकि टेक्नोलॉजी के आ जाने के बाद इतनी तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने दो दशक पहले यानी 2000 सन् के बाद की बात करते हुए कहा कि उस समय सबके पास मोबाइल फोन नहीं हुआ करते थे। टेलीफोन भी गांव में दो चार या मुहल्ले में एक ही हुआ करता था। उसी टेलीफोन पर सबसे फोन आया करते थे। लेकिन आज की पीढ़ी के हर युवा के पास फोन हैं। हमारे आपके माता पिता भी फोन का इस्तेमाल करना सीख रहे हैं। तो ये जो डिजिटल पहुंच हर जगह बढ़ रही है इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म को चलाने वाले लोगों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जैसे ई मेल मार्केटिंग, सोशल मीडिया या डिजाइनिंग आदि को चलाने के लिये स्किल्ड लोगों की मांग बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि सब ऐसा बोल रहे हैं कि एआई आ जाएगा तो हमारी नौकरियां नहीं रहेंगी। सारा डिजाइन, मार्केटिंग एआई खुद कर देगा। अतुल ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। हवाई जहाज के पायलट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सालों पहले हवाई जहाज बना, लंबे समय से कयास लगाये जा रहे हैं कि हवाई जहाज ऑटो मोड में चलेंगे। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। इस दौरान प्लेन के पहिये अंदर बाहर होने लगे, विंग्स बड़े हो गए, पैसेंजर्स की कैपेसिटी बढ़ गई। आज भी हवाई जहाज के कॉकपिट में दो पॉयलट बैठते हैं। यानी जबसे हवाई जहाज बनाया गया तबसे लेकर आजतक उन दो पायलट को कोई नहीं हटा सका। उन्होंने कहा युवा अपने मन से ये ख्याल निकाल दें कि टेक्नोलॉजी की वजह से उन्हें काम नहीं मिलेगा। ऐसा नहीं है। टेक्नोलॉजी होगी लेकिन उसे चलाने वाले भी होंगे। यानी आपकी जॉब सिक्योर थी और आगे भी रहेगी।
अतुल ने कहा कि आज से दो दशक पहले नौकरियों के लिए किसी परिचित का रिफरेंस लगाना पड़ता था। लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज के समय में एक सामान्य युवा जिसके पास मोबाइल है और उसे थोड़ी सी भी टेक्नोलॉजी आती है तो वो 15 से 20 हजार रुपये महीना आसानी से कमा सकता है। अपने परिवार का और अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या अधिक होने के कारण निकलने वाली नौकरियों पर कम्प्टीशन काफी बढ़ गया है। यानी आप जिस भी जॉब की तैयारी कर रहे हैं उसे हल्के में न लें बेहतर तैयारी करेंगे तभी जॉब मिल सकेगी।
जॉब्सगार के सीईओ अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले एक दशक से मैं ये ट्रेंड देख रहा हूं कि ये मेरी पहली जॉब है सैलरी बहुत कम मिल रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि कम सैलरी की वजह से कुछ ही महीनों में जॉब छोड़ देना और ये ड्रीम करना कि अगली जॉब में ज्यादा सैलरी मिलेगी, गलत होगा। हो सकता है आपको पहली जॉब में 10 हजार ही मिलें, या 15 हजार या 25 हजार महीना। लेकिन इस उम्मीद में अवसर खो देना कि सैलरी कम है इसलिये आप जॉब ज्वाइन नहीं कर रहे एक बड़ा रिस्क हो सकता है। उन्होंने उदाहरण देकर पिछले दशक की एक कहानी बताई जिसमें युवा ने 6 हजार रुपये महीने से पहली नौकरी शुरू की थी आज उसे 1.25 लाख रुपये महीना मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अनुभव के साथ साथ सैलरी जरूर बढ़ेगी इसलिये आप सही अवसर को कम सैलरी के कारण हाथ से न जाने दें।
देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं, तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरिअर बनाएं। आप अपने फोन में Safalta App डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।