अगर आपको को घूमना फिरना और लोगों से बात करना बहुत पसंद है तो टूरिस्ट गाइड बनना आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। इस क्षेत्र में कमाई की कमी नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारें भी पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों में लगी हुई हैं।
इस काम में आपको अपने देश की संस्कृति और परंपराओं से विदेशी पर्यटकों को अवगत कराने का अवसर तो मिलता ही है साथ ही आपको दूर-दूर से आने वाले मेहमानों से रूबरू होने का मौका भी मिलता है।
इसीलिए टूरिस्ट गाइड का करियर एक आकर्षक विकल्प के तौर पर उभर रहा है। देश में टूरिस्ट गाइड बनने के लिए भारतीय पर्यटन विभाग से टूरिस्ट गाइड का लाइसेंस लेना होता है जिसके लिए एक परीक्षा होती है। इस परीक्षा में वही अभ्यर्थी बैठ सकते हैं जो जिनके पास जरूरी क्वालीफिकेशन हो।
कोर्स और क्वालिफिकेशन
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ट्रैवल एंड टूरिज्ज मैनेंजमेंट नाम से देश के कई प्राइवेट संस्थान और सरकारी संस्थान कोर्स कराते हैं। टूर एंड ट्रैवल मैनेजमेंट में आप 12वीं के बाद या स्नातक के बाद कोर्स कर सकते हैं।
देश के अलग-अलग संस्थान टूरिज्म ट्रैवल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट में शॉर्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स संचालित करते हैं, जिसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रैवल एंड टूरिज्म (आईआईटीएम) सबसे खास है। इस संस्थान की शाखाएं देश के कई प्रमुख शहरों में हैं।
टूरिस्ट गाइड में डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने के बाद आपको प्रमाणित लाइसेंस मिलता है। इस फील्ड में ऊंचाई तक पहुंचने के लिए आपके पास संबंधित डिग्री डिप्लोमा के साथ हिन्दी या स्थानीय भाषा के अलावा आपको अंग्रेजी या कोई अन्य विदेशी भाषा का आना जरूरी है।
टूरिस्ट गाइड में करियर
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स्थानीय पर्यटन उद्योग, प्रदेशिक पर्यटन और राष्ट्रीय पर्यटन विभाग के साथ ही ट्रैवल एजेंसी, होटल इंडस्ट्री, एविएशन और हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में टूरिस्ट गाइड के लिए भरपूर अवसर हैं।
2013 के आकडों के अनुसार, पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक साल में 80 लाख विदेशी सैलानी आए, जिनसे करीब जिससे इस कारोबार में काफी इजाफा हुआ है।
सरकार इस क्षेत्र में नए अवसर तलाशने और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिद्ध है।