नई दिल्ली। भारत इंटरनेट यूजर्स के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। अनुमान है कि साल के अंत तक भारत में 650 मिलियन से अधिक और 2025 तक 900 मिलियन इंटरनेट यूजर्स होंगे। ये मार्केट इंटरनेट के माध्यम से जुड़ा है। इसमें ब्रांड्स के लिए बहुत बड़ी बिजनेस अपारचुनिटी है। यही कारण है कि ब्रांड्स व्यापक रूप से पुराने मार्केटिंग के चैनल के मुकाबले इंटरनेट या डिजिटल को अपना मुख्य मार्केटिंग चैनल बना रहे हैं। इसका सबसे बड़ा असर यह है कि अगले 3 - 4 सालों में लगभग 8 करोड़ डिजिटल मार्केटिंग की नौकरियां भारत के युवाओं के लिए उपलब्ध होंगी। डिजिटल मार्केटिंग सिर्फ 'शहरी क्षेत्रों' में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे कस्बों में भी तेज़ी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2025 तक ग्रामीण भारत इंटरनेट उपयोग के मामले में शहरी भारत से आगे निकल जाएगा।
मगर डिजिटल मार्केटिंग तेज बदलावों से गुज़र रहा है जिसमें सबसे बड़ा प्रभाव 'इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग' का रहा है पर आने वाले सालों में यही डिजिटल मार्केटिंग 'AI ' से पूरी तरह बदल जाएगी। यही कारण है कि आज के समय में युवाओं में AI टूल्स सीखने की होड़ लगी हुई है क्योंकि आने वाले समय में डिजिटल मार्केटिंग वही लोग कर पाएंगे जो AI से काम ले सकेंगे। डिजिटल मार्केटिंग में डिजाइन, कॉपी लिखना, वीडियो बनाना, मार्केटिंग फनल बनाना और मार्केटिंग के लिए लेख लिखना जैसे काम शामिल हैं। यह सब AI या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा कम लागत से और पलक झपकते होने लगे हैं। युवाओं के लिए यह एक चुनौती तो है मगर एक बहुत बड़ा मौका भी है।
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