रविवार को देशभर के 1900 केंद्रों में आयोजित मेडिकल की प्रवेश परीक्षा NEET में बीडीएस एवं एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन की तैयारी कर रहे तकरीबन 11 लाख छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। वहीं चेन्नई में पहली बार परीक्षा दे रहे कई छात्र-छात्राओं को नियमों की सही जानकारी न होने की वजह से परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
NEET परीक्षा के नियमों के मुताबिक परीक्षा हॉल में पूरी बाजू की शर्ट और जूते पहन कर बैठना मना था। नियमों का पालन करते हुए जहां कुछ छात्रों को कैंची से काट कर अपनी शर्ट की बाजू आधी करनी पड़ी वहीं कुछ अभ्यर्थी अपने जूते उतार कर अपने अभिभावकों के सैंडल पहन कर परीक्षा देने को मजबूर हुए। सख्त नियमों की जानकारी न होने के चलते कई छात्रों को वापस भी लौटना पड़ा।
देश भर के परीक्षा केंद्रों पर घटीं कई शर्मिंदा कर देने वाली घटनाः
-पटना में टॉर्च जला कर आभ्यर्थियों के कान तक को चेक किया गया
-भोपाल में परीक्षा देने पहुंची महिला को मंगलसूत्र उतरवाकर परीक्षा हॉल में अंदर जाने की इजाजत मिली। एक अन्य मामले में महिला के नाक की लौंग और चूड़ियां तक उतरवाई गईं
-चेन्नई के कई केंद्रों पर फुल स्लीव्स की शर्ट पहन कर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के सर्ट की बांह तक काटी गई।
-केरल के कुन्नुर में परीक्षा देने आई छात्राओं से कथित तौर पर परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान इनरवेयर तक उतारवाने का मामला सामने आया।
-ऐसी ही एक और घटना में एक लड़की को अपने जींस का बटन निकालना पड़ा
-चंडीगढ़ में NEET परीक्षा के दौरान गाइडलाइन के नाम पर कई विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-22 स्थित शिशु निकेतन स्कूल में एग्जाम से पहले चेकिंग के दौरान कई छात्राओं के कुर्ते की बाजू काटी गई। कई विद्यार्थियों के ताबीज, कलाई में बांधने वाले धागे और कड़े तक उतरवा दिए गए। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में जाने की इजाजत दी गई।