पहले कैसे मिलते थे दस्तावेज?
पहले महाराष्ट्र बोर्ड मार्कशीट और सर्टिफिकेट अलग-अलग जारी करता था। परीक्षा परिणाम आने के समय छात्रों को मार्कशीट दी जाती थी, जबकि सर्टिफिकेट लगभग छह महीने बाद मिलता था। इन दस्तावेजों में न तो छात्र की फोटो होती थी और न ही क्यूआर कोड, जिससे पूरी जानकारी तुरंत जांचना संभव नहीं था।
नई मार्कशीट का फॉर्मेट कैसा होगा?
नई मार्कशीट में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें छात्र की फोटो के साथ क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट होगी। साथ ही, छात्र का नाम अब आधार कार्ड के अनुसार प्रिंट किया जाएगा।
पहले नाम का क्रम अलग होता था, जिसमें उपनाम, छात्र का नाम और पिता का नाम शामिल होता था। लेकिन अब इसे आधार के फॉर्मेट के अनुसार सरल और एकरूप बनाया गया है।
क्यूआर कोड की मदद से कोई भी व्यक्ति बोर्ड के ऐप के जरिए मार्कशीट की सच्चाई जांच सकता है। इससे फर्जी मार्कशीट के मामलों में कमी आएगी और सत्यापन प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बनेगी।
रिजल्ट जल्द होंगे जारी
महाराष्ट्र बोर्ड जल्द ही SSC (10वीं) और HSC (12वीं) के रिजल्ट जारी करने वाला है। पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार, दोनों परीक्षाओं के परिणाम मई के पहले या दूसरे सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं। संभावना है कि इस बार 12वीं (HSC) का रिजल्ट 10वीं (SSC) से पहले जारी किया जाए।
रिजल्ट कैसे चेक करें?
रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और जन्मतिथि तैयार रखनी होगी। रिजल्ट जारी होने के बाद मार्कशीट 2026 को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।