सफलता डॉट कॉम द्वारा ई कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग विषय पर आयोजित हुई मास्टर क्लास में गेस्ट स्पीकर एवीपी, ब्लूस्मार्ट सुचरिता रेड्डी ने ई कॉमर्स वेबसाइट कैसे शुरू करें सवाल के जवाब में कहा कि छात्र सबसे पहले ये सोचें कि उन्हें बेचना क्या है। क्या आप कुर्ते बेचना चाहते हैं, साड़ी बेचना चाहते हैं या कॉस्मेटिक्स बेचना है। रेड्डी ने कहा कि साथ ही आपको यह भी देखना होगा कि आपके प्रोडक्ट में ऐसा क्या अलग है जो उसे अन्य उत्पादों से अलग बना रहा है। यानी उत्पाद की यूनिकनेस क्या है। इसके बाद आपको ये तय करना है कि आप अपना प्रोडक्ट बेचेंगे किसे। उस कस्टमर तक पहुंचने के लिए आप किन किन जरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं।क्योंकि ई कॉमर्स स्टोर ऑनलाइन खुल सकता है या फिजिकल स्टोर आपने खोलना है। फिर आपको उसकी मार्केटिंग शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि मान लो आप कुर्ते बेच रहे हैं देश में कुर्ते बहुत डिमांड में हैं। हर कोई अपने वार्डरोब में नए कुर्ते चाहता है। कुर्तों के कई प्रकार हो सकते हैं। कॉटन के कुर्ते, चिकन के कुर्ते, अफगानी कुर्ते या डिजाइन के अनुसार अलग - अलग वैराइटी के कुर्ते, या प्रोडक्ट में कुछ नया है। फिर मार्केट के रिसेप्शन देखिये। कि आपको अपनी वेबसाइट पर बेचना है या फ्लिपकार्ट या अमेजॉन पर बेचना है। फिर आप वहां जाएं। इसके बाद आपको डिजिटल मार्केटिंग की तरफ फोकस करना होगा।
ये भी सीखें
रेड्डी ने कहा कि अगर आपने ये तय किया है कि आपको अपना प्लेटफॉर्म बनाना है उसी के जरिये उत्पाद बेचना है तो आपको बड़े स्तर पर इसकी तैयारी करनी होगी। जैसे आपको एक बिजनेस प्लान चाहिये होगा, फंडिंग चाहिये होगी। तो पहले वेबसाइट बनाने और उसे चलाने के लिए आपको टेक पार्टनर ढूंढ़ना होगा। क्योंकि ई कॉमर्स टेक्नोलॉजी पर ही चलती है। जिसके लिये आपको टेक के जानकार लोगों को हायर करना होगा। टेक्नोलॉजी के कॉस्ट के अलावा सर्वर के खर्चे भी लगते हैं। ये भी पढ़ें
सुचरिता रेड्डी ने कहा कि खुद की वेबसाइट के लिए आपको उसके कंटेंट पर भी फोकस करना होगा। कि कुर्ते हम क्या बेच रहे हैं। कंटेंट में आपका पिक्चर, डिस्क्रिप्शन और साइज आदि रहता है। रेड्डी ने कहा कि आजकल ई कॉमर्स सेक्टर में उत्पादों को रिटर्न करना सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अव्वल तो कंपनियां रिटर्न ऑफर नहीं करती जिसके कारण उनकी सेल कम हो जाती है। अगर कोई कंपनी रिटर्न ऑफर कर रही है तो उनके पास वापस किये गए उत्पादों का अंबार लग जाता है। जिसमें कंपनियों की कॉस्ट, लॉजिस्टिक सब लगता है। तो आपका कंटेंट है वही रिटर्न कम कर सकता है। कई बार हर एक के पास अलग फोन होने पर एक ही कलर अलग अलग तरीके से दिखता है। मिंत्रा, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइट्स को देखें वो कैसे उत्पाद की फोटो खींचते हैं एक ही स्टाइल में कैसे उत्पादों को सजा सकते हैं। एक स्टाइल में खींचे गए फोटो, किसी भी बंदे को क्लैरिटी आये। वो वेबसाइट पर आकर वापस न जाए। उत्पाद की कॉस्ट क्या रखनी है ये देखना महत्वपूर्ण है। ये भी सीख रहे युवा
उन्होंने कहा कि अपना वेबसाइट बनाने पर आपको वेबसाइट की ट्रैफिक लाने में मेहनत लगेगी। अगर आप किसी अन्य वेबसाइट के जरिये सेलर अकाउंट बनाते हैं तो आपको सिर्फ सेलर अकाउंट पेज का ही रैंक करना है। यानी जब किसी ने गूगल पर टाइप किया तो आपका प्रोडक्ट उसमें सबसे ऊपर कैसे आयेगा। उसके लिए कई तरीके होते हैं। जैसे रिव्यूज, रेटिंग्स, रिपीट पर्चेजेस। बी2बी, बी2सी, सी2सी के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत सारे बिजनेस ऐसे हैं जो कोई उत्पाद तैयार करते हैं वह कस्टमर को न जाकर सीधे बिजनेस हाउसेज को ही बेच देते हैं। इसे बी2बी कहते हैं। डायरेक्ट कस्टमर को जब आप सामान बेचते हैं तो वह बी2सी में आता है। वहीं ओएलएक्स जैसे प्लेटफॉर्म जहां कस्टमर ही बेचने वाला है और खरीदने वाला भी कस्टमर है। यानी एक मंडी जैसा प्लेटफॉर्म। इसे सी2सी कहते हैं। पेमेंट्स गेटवेज का सिक्योर होना जरूरी है। रेजर पे पेमेंट गे ने शानदार प्रगति की है। आपको वेबसाइट को पेमेंट्स गेटवे के लिए तमाम सर्टिफिकेट्स की जरूरत होगी। जिसमें सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चत करना शामिल है। जैसे PCI DSS, कई तरह के ISO सर्टिफिकेट्स। ताकि ये सुनिश्चित हो कि कस्टमर का डेटा लीक न हो। कस्टमर का डेटा इंक्रिप्ट करके रखना पड़ता है। ये आपको ट्रस्टेड पार्टनर से करना है। उत्पाद बेचने के लिए रेड्डी ने कहा कि पहले कस्टमर को पहचाने, वो कहां रहते हैं, उनकी पसंद न पसंद जानें। मान लो मैने कोई ऐसा प्रोडक्ट बनाया है जो उच्च वर्ग के लिए है तो मैं ऐसी जगह पर एड करना चाहूंगी जहां दिल्ली, बेंगलुरू आदि में ये लोग जाते हैं। टियर 1 या टियर 2 सिटीज की यंग पापुलेशन को टारगेट करने के लिए स्नैपचैट या इंस्टाग्राम पर छोटी छोटी रील्स बनाकर डाल सकते हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज के समय में लोग घरों से काम कर रहे हैं। आप यूट्यूब, ट्विटर, लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना प्रचार कर सकते हैं। आपको खुद ही अपना ब्रांड एम्बेस्डर बनना पड़ेगा। क्योंकि किसी को आपके प्रोडक्ट पर उतना भरोसा नहीं होगा जितना आप को होगा। बिजनेस फेयर्स में जाना पड़ेगा। अपना नेटवर्क बढ़ाने पर काम करना पड़ेगा। अपने नेटवर्क्स में वीडियो बनाकर भेजना पड़ेगा। मैक्रो इंफ्लुएंसर्स की मदद ले सकते हैं। आपके बजट में जो इंफ्लुएंसर आए उसे रीच आउट करें। सुचरिता रेड्डी ने कहा कि ई कॉमर्स से जब हम कुछ भी खरीदते हैं तो हम किसी और के जरिये उसे देखने की कोशिश करते हैं। बिजनेस मैन एक सीमित कंटेट ही उत्पाद पर डाल सकता है। लेकिन एक यूजर को तभी विश्वास आता है जब दूसरा यूजर उस उत्पाद के बारे में बात करता है। आप वर्ड ऑफ माउथ सबसे ज्यादा प्रचार करते हैं। कई लोग रिव्यू को देखकर उसे खुद से रिलेट करके भी देखते हैं। जैसे ट्रिप एडवाइजर, अमेजॉन पर जाने पर हम पहले देखते हैं कि ये जगह अच्छी है तो ही मैं इस जगह पर जाएंगे। साथ ही कोई प्रोडक्ट अच्छा है, रेटिंग अच्छी है तो ही प्रोडक्ट खरीदते हैं। इसके अलावा आपको कैब में जाने पर, या कोई प्रोडक्ट मंगाने पर लोग आपसे रिव्यू देने को कहते हैं। हालांकि ई कॉमर्स साइट पर बहुत से रिव्यू फेक भी होते हैं जोकि गलत मार्केटिंग है हमें ऐसा नहीं करना है। रेड्डी का कहना है कि डिस्काउंट और स्पेशल ऑफर देकर आप कभी लंबे समय तक अपने आरओआई को मेंटेन नहीं रख सकते हैं। सिर्फ डिस्काउंटिंग से सेल लगातार होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आपको अपने प्लेटफॉर्म पर आरओआई मेंटेन करने के लिए डिस्काउंटिंग पर नहीं अपने प्रोडक्ट पर फोकस करना चाहिए। आप अपने कस्टमर से जितना कनेक्टेड रह सकते हैं उतनी ज्यादा सेल होगी। टेक्नोलॉजी और एआई के बढ़ते चलन पर उन्होंने कहा कि बदलाव आता ही है। आपको अपने सर्वाइवल के लिए आपको बदलाव को स्वीकारना ही होगा। पहले ई कॉमर्स स्टोर नहीं थे। लेकिन जब ई कॉमर्स आये तो किराना स्टोर बंद नहीं हुए, शॉपिंग मॉल्स बंद नहीं हुए बल्कि बढ़ गए। आपको नई टेक्नोलॉजी को समझना होगा। वो आपकी नौकरी नहीं खा रहा है लेकिन आपको उसका इस्तेमाल करना आना चाहिए। एसईओ, ई मेल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग, कंटेंट मार्केटिंग जैसे प्रोफाइल्स पर ई कॉमर्स में लगातार नौकरियां निकल रहीं हैं। लोग आज के समय में एआई टूल्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि लिंक्डइन पर एक्टिव रहें। नौकरियों की साइट्स पर एक्टिव रहें जॉब्स ढूंढ़ते रहें। एचआर को जॉब पोस्ट होते ही एप्लाई कर दें। इसके अलावा आपके नेटवर्क में कोई है तो उसके जरिये अपना सीवी डलवाएं। ई कॉमर्स सेक्टर लगातार उभर रहा है। मिंत्रा ने एक बार एक्सपेरीमेंट किया था कि उन्होंने मोबाइल वेबसाइट को बंद कर दिया था। उन्होंने कुछ समय तक सिर्फ वेबसाइट के जरिये ही बेचा। इसी तरह आज हर कंपनी के एप हैं जिनके जरिये वह ई कॉमर्स कंपनी चला रही हैं। 2030 तक 20-30 प्रतिशत ई कॉमर्स मोबाइल के जरिये ही हुआ करेगी। अगर आप 12वीं/ग्रेजुएशन कर चुके हैं लेकिन अपने कॅरिअर को लेकर तमाम तरह की चिंताओं से घिरे हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश की जानी-मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। अगर आप भी प्राइवेट या सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो आप एक बार सफलता डॉट कॉम पर विजिट जरूर करें और अपनी पसंद के मुताबिक कोर्स में एडमिशन लीजिए। आप अपने फोन में safalta app डाउनलोड कर भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।
मास्टर डिजिटल मार्केटिंग
एडवांस डिजिटल मार्केटिंग ऑनलाइन प्रोग्राम
एडवांस डिजिटल मार्केटिंग क्लासरूम प्रोग्राम
खुद के प्लेटफॉर्म के लिए जरूरी होती है बेहतर तैयारी
डिजिटल मार्केटिंग ई बुक
डिजिटल मार्केटिंग मॉक टेस्ट वेबसाइट पर एक ही स्टाइल में लगाएं उत्पाद की फोटोज
व्हाट्सअप बिजनेस मार्केटिंग
एडवांस एक्सेल कोर्स बी-2-बी, बी-2-सी और सी-2-सी मार्केटिंग क्या होती है जानें यहां
कस्टमर को पहचानना जरूरी
रिव्यूज वेबसाइट पर बढ़ाते हैं कस्टमर का विश्वास
लंबे समय तक डिस्काउंट ऑफर देना उचित नहीं, बेहतर प्रोडक्ट से आयेगी सेल
ई-कॉमर्स में स्किल्ड युवाओं की जरूरत, लिहाजा युवाओं के लिए जॉब का बेहतर मौका
सफलता के साथ बनाएं अपना कॅरिअर