वैश्विक स्तर पर होटल व्यवसाय के लिए आज के समय में बड़े और नए मौकों का विस्तार होता जा रहा है क्योंकि आजकल लगभग हर व्यक्ति रेस्त्रां में खाना खाने या बाहर घूमने का आदी हो गया है। अगर कोई बाहर रेस्त्रां में खाने नहीं भी जाता है तो प्राइवेट प्रॉर्टीज़ के लिए होम डिलीवरी एक नॉर्मल ट्रेंड हो गया है। कोई ना कोई साल में एक बार ज़रूर कहीं बाहर घूमने जाते हैं और अपनी पसंद और बजट के हिसाब से होटल या रिसॉर्ट में ठहरते हैं। पार्टी कल्चर और वेकेशन लाइफस्टाइल के चलते सर्विस देने वाले केटर्स और होटल मालिकों का अच्छा बिजनेस चलता है।
इंटरनेशनल होटल और रिसॉर्ट चेन जो साथ में क्रूज़ और 5 स्टार डेस्टिनेशंस की सैर कराते हैं, ये सुनने में भले ही बड़ा ग्लैमरस लगे पर इसके पीछे काफी चुनौतियों और कड़ी मेहनत लगती है। दिन-रात जगना और पर्यटकों के साथ ट्रैवल करना काफी मु्श्किल और थका देने वाला काम होता है। हालांकि काम में सैलरी अच्छी होती है और यही कारण है कि इस काम में आने वाली मुश्किलें किसी तरह हल हो ही जाती हैं। होटल के प्रिमाइस में काम करना, घूमना और पूरी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का कोई तोड़ नहीं। तो फिर करियर चुनने में इतना सोचना क्या!
होटल और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस में सफलता के लिए ज़रूरी कौशल
इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक उम्मीदवारों की आकर्षक पर्सनैलिटी और बोलने और लिख कर संवाद करने की कला अच्छे से आनी चाहिए। स्मार्ट ड्रेसिंग करना और आने वाले गेस्ट पर सही प्रभाव बनाना ज़रूरी है। इंटरनेशनल होटल चेन में काम करने के लिए कुछ विदेशी भाषाओं की जानकारी होना भी अच्छा है। पर्यटकों के सत्कार में वास्तविक रूप से गर्मजोशी दिखाना और उनसे अच्छे से व्यवहार करना आपके काम का हिस्सा होता है। विश्लेषणात्मक होना और सही समय पर सही फैसले लेना, टीमवर्क, सहयोग करना और नेतृत्व करने की क्षमता होने से इस क्षेत्र में सफल होने से आपको कोई नहीं रोक सकता।
होटल मैनेजमेंट कोर्स कराने वाले कॉलेज और संस्थान
होटल मैनेजमेंट कोर्स 12वीं पास करने के बाद ग्रेजुएन स्तर पर कराया जाता है। होटल मैनेजमेंट कोर्स में स्नातक डिग्री 4 साल की होती है और इसे प्रोफेशनल कोर्स माना जाता है। देश भर में कई ऐसे कॉलेज हैं जो होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराते हैं। इनमें से एक नाम है एपी गोयल, शिमला यूनिवर्सिटी का जो काफी कम समय में होटल मैनेजमेंट करने के इच्छुक छात्रों की पसंद बन गया है।
क्या होता है पाठ्यक्रम
एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर इसके पाठ्यक्रम के बारे में कहते हैं कि होटल बिजनेस से जुड़े किसी क्षेत्र में "विशेषता" प्राप्त करना उपयोगी होता है- जैसे कि कुकिंग का शौक होना और एक पारंगत शेफ बनने की तैयारी करना। रेस्त्रां में काम करने के लिए खाने और पीने के सामान की आपूर्ति, सप्लाई करना एक मुख्य काम होता है। लेकिन मैनेजमेंट का कार्य इसके आगे का भी होता है। प्रबंधन और सुरक्षा, पब्लिक रिलेशन और समस्याओं का समाधान भी ज़रूरी कार्यक्षेत्र में आते हैं। बड़े होटलों में हाउसकीपिंग भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, अकाउंटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट आवश्यक भूमिकाओं में आते हैं।
होटल मैनेजनेंट के ग्रेजुएट्स के लिए होटल और रेस्त्रां की नौकरियों के अलावा भी कई विकल्प हैं। जहां भी खानपान प्रबंध का काम होता है जैसे कि- हॉस्पिटल्स, एयरलाइंस, आदि वहां भी होटल मैनेजमेंट के ग्रेजुएट्स की काफी डिमांड होती है। क्लबों और क्रूज़ में होटल मैनेजमेंट के ग्रेजुएट्स को प्राथमिकता दी जाती है। जंगल में बने लॉज, गेस्ट हाउस और रिसॉर्ट्स के बिज़नेस में जबर्दस्त तरक्की देखने को मिल रही है जहां सैलरी पैकेज भी बढ़िया दिया जाता है।
केटरिंग और हॉस्पिटैलिटी में करियर बनाने के फायदे
अच्छा होटल बिजनेस संपूर्ण आर्थिक व्यवस्था पर निर्भर करता है जो इस इंडस्ट्री की सफलता की गारंटी होती है। जैसे हॉस्पिटल्स में मरीज़ों के आने की गारंटी होती है वैसे ही होटल में गेस्ट्स आते ही हैं। बाहर खाने का ट्रेंड, बढ़ता हुआ सोशल मीडिया के बढ़ते ट्रेंड का मतलब है कि आने वाले समय में होटल बिजनेस को सफलता मिलेगी ही। पर्यटन से जुड़े आंकड़ों को देखकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं और भारत सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही कंपनियों को छूट देकर इसको बढ़ावा देती है।
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में मिलने वाले पद
रेस्त्रां में मैनेजर बनना शायद सभी का सपना होता है पर एक असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर काम शुरू करना एक शूरुआत होती है। फ्रंट ऑफिस डेस्क मैनेजर जो रिसेप्शन संभालता है भी एक महत्वपूर्ण पद होता है। अलग-अलग प्रकार के शेफ खाने के सबसे ज़रूरी पक्ष को संभालने के लिए ज़रूरी होते हैं। किचन सूपरवाइज़र की अहम भूमिका होती है। ऑर्डर लेने के बाद किचन से गेस्ट तक ऑर्डर पहुंचाने के लिए रेस्त्रां कैप्टन की ज़रूरत होती है। गेस्ट रिलेशन एक्सीक्यूटिव्स और एडमिनिस्ट्रेटिव मैनेजर के पद भी होते हैं।
विदेशों में घूमने के मिलते हैं मौके
इस क्षेत्र में विदेशों में घूमने के भी कई मौके मिलते हैं, जैसे कि एयरलाइन कंपनियों के साथ एयर होस्टेज के तौर पर, क्रूज़ मेंबर पर भी कई बड़े होटल अच्छी सैलरी पर नौकरी देतें हैं जिससे आपको देश-विदेश में घूमने का मौका मिलता है। ये इंडस्ट्री इतनी बदलती हुई है कि हर दिन कुछ नया करने को मिलता है। बता दें कि एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी होटल मैनेजमेंट कोर्स के क्षेत्र में अग्रणीय संस्थानों में से एक बन गया है। शिमला के शांतिपूर्ण वातावरण और टूरिस्ट हब होने का फायदा यहां के छात्रों को मिलता है। संस्थान हर दिन नए मुकाम हासिल करता जा रहा है। तो चलिए, एक सफल होटल उद्यमी बनने के लिए आपके रास्ते खुले हैं।