सफलता.कॉम द्वारा फिनटेक इवोल्यूशन इंन इंडिया विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सेशन में इंटरव्यू विजन के को फाउंडर राजीव रंजन ने कहा कि फिनटेक को अलग अलग करने पर फाइनांस और टेक्नोलॉजी जो शब्द आते हैं। यानी फाइनांस में टेक्नोलॉजी के मिश्रण को फिनटेक कहते हैं। आजकल टेक्नोलॉजी के आने से एडुटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक यानी जो भी पहले कन्वेंशनल वे में चलता था उसमें टेक्नोलॉजी आने से वह अब बेहतर हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत में 1990 के बाद कोर बैंकिंग सॉल्यूशन शब्द का इस्तेमाल होता था, लेट 90s में भारत में कम्प्यूटराइजेशन हुआ। 2000 के आसपास पूरे फाइनेंसियल इंडस्ट्री में डॉक्यूमेंटेशन कलेक्शन, कस्टमर सर्विस, ऑनलाइन बैंकिंग लाने आदि में टेक्नोलॉजी के आने से फिनटेक शब्द का इस्तेमाल शुरू हुआ। फिनटेक कंपनियां सर्विस प्रोवाइड करती हैं।
मैं शुरूआती समय की बात करूं को इंफोसिस ने 2000 के आसपास एक फाइनेंसियल प्लेटफॉर्म आईसीआईसीआई के साथ शुरू किया था। उसके बाद छोटे टेक्नोलॉजी कंपनीज, स्टार्टअप कल्चर में कई प्लेटफॉर्म आने शुरू हो गए। आजकल कंपनियां छोटा सा एप बनाकर बड़े बड़े बैंक को संपर्क करते हैं कि अगर आप इसे एप्लाइ करोगे तो आपकी सेल इंप्रूव हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 2005 से मैं बैंकिंग सेक्टर को देख रहा हूं। जिसमें धीरे धीरे बैंकिंग सेक्टर में बदलाव हुए हैं। लेकिन 2016 में जब सरकार ने यूनीफाईड पेमेंट्स इंटरफेस(UPI) लांच किया। जिसमें पेमेंट बहुत आसान हो गया। यूपीआई उस समय इतना पॉपुलर नहीं था। बैंकिंग में आरटीजीएस जैसे प्लेटफॉर्म थे जिनसे पेमेंट्स तुरंत हो जाते थे।
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लेकिन कोविड के समय में कैश निकालना मुश्किल था। कैश मिलता नहीं था उस समय में फिनटेक इंडस्ट्री में बहुत ग्रोथ हुई। साथ ही भारत में पिछले 5-10 साल में टेलीकॉम इंडस्ट्री ने भी बहुत इवॉल्व किया है। इन सारी चीजों से क्रांति आयी। मैं पोलैंड मलेसिया फिलीपींस 3 जगह पर रह चुका हूं। जिसमें भारत का ट्रांजेक्शन सिस्टम बहुत एडवांस लेवल पर है। देश में एक औसत ट्रांजेक्शन देखे जाएं तो 5 से 10 ट्रांजेक्शन आराम से हो जाते हैं। इससे हमारा ट्रांजेक्शन वॉल्यूम बहुत बढ़ गया है। आरबीआई ने नियम लगा दिये हैं कि हर बैंक को इसमें आना ही आना है। इससे कंज्यूमर पर ऑनलाइन पेमेंट पर चार्ज भी नहीं लगता। इससे चेंज की दिक्कत भी खत्म हो गई है।
इतनी बड़ी जनसंख्या, विविधता वाले देश में फिनटेक सेक्टर में जो परिवर्तन हुआ है वो बहुत बड़ा है। उन्होंने भारत सरकार के जन धन खाता योजना पर कहा है कि ये बहुत बड़ी योजना थी। इससे फायदा ये हुआ कि हरेक के पास अपना अकाउंट हो गया। उसके बाद पेटीएम बगैरह आ गए लोगों के पास वालैट बन गए। पहले हम कैश रखते थे लेकिन अब जितना खर्च करना है उतना ही हो रहा है। साथ ही क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली लिमिट से लोग अधिक खर्ची भी कर रहे हैं। कई बार वो ऐसे सामान खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें तत्काल जरूरत नहीं होती। आजकल की युवा पीढ़ी में फायनांस को लेकर समझ बढ़ी है, जागरूकता बढ़ी है। डिजिटल मीडिया से पॉप अप आ गया, स्कीम आ गई उससे भी युवा वित्तीय समझ को बेहतर कर रहे हैं। उन्हें पता है कि पैसों का इस्तेमाल कैसे करना है।
पिछले 5 साल में क्या हुआ कि जो भी कंपनी है उनमें टेक्निकल एडवांसमेंट आया है। 20 साल पहले ऐसा नहीं था। इन कंपनियों में हर कर्मचारी टेक का नहीं है। इन कंपनियों में कंटेंट, मार्केटिंग, सेल्स, टेक हर लेवल का बंदा काम कर रहा है। साथ ही हर बंदे को ऑफिस जाकर काम भी नहीं करना पड़ता। आजकल युवा घर बैठे हाई क्वालिटी कंटेंट तैयार कर रहे हैं। इन फिनटेक कंपनियों में हरेक तरह के जॉब्स हैं। बैंक्स में भी आप हर तरह की नौकरियां कर सकते हैं। इसलिये नौकरियां बहुत हैं तो हमें ये समझना चाहिए हम किस पोस्ट के लिए आवेदन करने वाले हैं।
देश में आज तकरीबन 2200 फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। जिनमें फोन पे, भारत पे, पेटीएम, जेरोधा, रेजर पे जैसी कंपनियां बड़ी हैं। लेकिन आज टियर-2 टियर 3 सिटीज में भी छोटी छोटी कंपनियां आ गई हैं। आजकल अलग अलग सेक्शन में काम करने वाली कई कंपनियां हैं। फाइनांस की नॉलेज होने पर आप कहीं भी काम पा सकते हैं। क्योंकि जितनी बड़ी बैंकिंग पॉपुलेशन हैं उतनी बड़ी बैंकिंग नीड है। इस सेक्टर में नौकरी कभी कम नहीं होगी सिर्फ नौकरी का शेप बदलेगा। दो दशक पहले जब आप बैंक में पैसे निकालने जाते थे तो कैशियर, क्लर्क जैसी नौकरियां थीं। लेकिन अब आप पैसे एटीएम से निकाल सकते हैं। आप कोई क्वेरी चैट बॉट के जरिये कर सकते हैं। आज बैंकिंग सेक्टर में स्किल्ड लोगों के लिए नौकरियां बढ़ी हैं। हालांकि पुराने रोल में काम कर रहे लोगों के काम करने का तरीका बदला है। आज आपको दवाई चाहिये तो आप ऑनलाइन खरीद सकते हैं। बहुत सारी कंपनियां ऑनलाइन टेली मेडिसन कंसल्टेंट देती हैं। हेल्थ में भी टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ी है। उसी तरह इंश्योरेंस सेक्टर में भी जो बदलाव हुआ है वह बहुत शानदार है। पहले जहां लोग घर मिलने आते थे अब फोन पर लोग कंसल्ट करते हैं। व्हाट्सअप पर अब सारी जानकारी मिल जाती है। आज युवा उन चीजों पर अपना टाइम स्पेंड कर सकता है जहां ज्यादा जरूरत है।
देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरिअर बनाएं। आप अपने फोन में SAFALTA APP डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।