कई देशों में परीक्षाएं रद्द
देशभर में कोरोना संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में भारत एक बार फिर दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। इसके कारण देश के विभिन्न राज्यों में दोबारा लॉकडाउन जैसे हालात बनकर उभर रहे हैं। मैक्सिको, यूएई समेत कई देशों में परीक्षाएं रद्द की गई हैं। इसके बावजूद देश में सीबीएसई बोर्ड विभिन्न राज्य शिक्षा बोर्ड अपने यहां 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अडिग हैं।
ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना नासमझी : कुंडू
इसका संज्ञान लेकर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने सीबीएसई को पत्र लिखा है। अनुराग कुंडू ने ट्वविटर पर इसकी जानकारी भी स झा की। कुंडू ने लिखा, मैंने सीबीएसई से बोर्ड परीक्षा स्थगित करने या बच्चों के आंतरिक मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अलग-अलग विधियों पर विचार करने का आग्रह किया है। पिछले एक सप्ताह में लगभग 10 लाख नए मामले देखे गए हैं और कम से कम पांच हजार मरीजों की मौतें हुईं हैं। इसके बावजूद, इस खतरे को नजरअंदाज करते हुए ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना नासमझी है।
परीक्षाएं बड़ा खतरा बन सकती हैं : केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 13,500 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की सुरक्षा की चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से अपील की है कि बोर्ड परीक्षाएं रद्द की जाएं।
केजरीवाल ने कहा कि इसके लिए कोई और तरीका भी ढूंढा जा सकता है। या तो ऑनलाइन परीक्षा हो या कोई और रास्ता निकाला जाए। उन्होंने कहा, सीबीएसई की परीक्षा आने वाली है, जिसमें छह लाख बच्चे परीक्षा में बैठेंगे। एक लाख टीचर्स इसमें शामिल होंगे, ये बड़ा खतरा बन सकता है।
बोर्ड परीक्षा रद्द करने की योजना नहीं : सीबीएसई
सीबीएसई ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा 2021 को रद्द करने की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने हाल ही में कहा था कि परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी और सीबीएसई छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। बता दें कि सीबीएसई द्वारा जारी डेटशीट के अनुसार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चार मई, 2021 से शुरू होनी हैं।
शीर्ष अदालत में याचिका
बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बड़ी गहमागहमी खड़ी हो गई है। मामला देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच चुका है। देशभर में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे नए मामलों के बीच जहां एक ओर विद्यार्थी समूहों ने परीक्षाओं का आयोजन टालने और परीक्षाएं रद्द करने के लिए आदेश देने की मांग को लेकर देश की शीर्ष अदालत में याचिका दी है।
सोशल मीडिया पर हो रहा ट्रेंड
देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच, कई छात्र, शिक्षक और अभिभावक बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर हैशटेग #cancelboardexam2021 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल और सीबीएसई से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने या ऑनलाइन आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।