आम और अंतरिम बजट में अंतर
1. अंतरिम बजट:- उस वर्ष पेश किया जाता है, जिस वर्ष लोकसभा का कार्यकाल खत्म होता है और नई लोकसभा के चुनाव होने होते हैं। ऐसे में अंतरिम बजट यह सुनिश्चित करने के लिए पेश किया जाता है कि वेतन, पेंशन और कल्याण कार्यक्रमों जैसी आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें।
आम बजट:- हर वर्ष फरवरी में पेश किया जाता है। लोकसभा चुनाव खत्म होने और नई सरकार बनने के बाद आम बजट पेश किया जाता है।
2. अंतरिम बजट:- यह दो महीने के लिए वैध होता है। दो महीने बाद आवश्यकता होने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
आम बजट:- यह मुख्यता वित्तीय वर्ष के लिए पेश किया जाता है। भारत में 1 अप्रैल से 31 मार्च को वित्तीय वर्ष कहा जाता है।
3. अंतरिम बजट:- अंतरिम बजट में चल रही योजनाओं के लिए आवश्यक राशि दी जाती है।
आम बजट:- आम बजट में चल रही योजनाओं के लिए आवश्यक राशि भी दी जाती है और नई योजनाएं भी शामिल की जाती हैं।
4. अंतरिम बजट:- अंतरिम बजट में नीतिगत निर्णय नहीं लिए जाते हैं।
आम बजट:- आम बजट में नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं और नई योजना को लागू भी किया जा सकता है।