घोटाले के बाद बदला सिस्टम, टॉपर्स का होने लगा वेरिफिकेशन
आज भी जारी है यह प्रक्रिया
2016 के बाद से बिहार बोर्ड ने टॉपर्स के वेरिफिकेशन को सख्ती से लागू किया है। इससे परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ी है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। अब हर टॉपर को बोर्ड के सामने अपनी काबिलियत साबित करनी होती है, जिससे फर्जीवाड़े की कोई संभावना न रहे।