बोर्ड ने वायरल तस्वीर पर क्या कहा?
बिहार बोर्ड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक स्पष्टीकरण जारी किया। इसके साथ बोर्ड ने दो तस्वीरें भी साझा कीं। इनमें एक फर्जी प्रश्नपत्र की तस्वीर थी और दूसरी असली प्रश्नपत्र की। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि वायरल तस्वीर में प्रश्न संख्या 37 पर दिखाया गया सवाल फर्जी और एआई से तैयार किया गया है। बोर्ड के अनुसार, इसका उद्देश्य परीक्षा को लेकर भ्रम पैदा करना और समिति की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
बिहार बोर्ड की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया, "बिहार विद्यालय परीक्षा समिति इस फर्जी, भ्रामक और गलत खबर का खंडन करती है। प्रश्न संख्या 37 में पूछा गया प्रश्न मूल प्रश्नपत्र में प्रदर्शित है। फर्जी प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 37 पर अंकित प्रश्न एआई से तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा के संचालन को लेकर भ्रम पैदा करना और समिति की छवि को धूमिल करना है।"
बिहार बोर्ड असली और एआई जनित, दोनों प्रश्नपत्र साझा किए हैं:
असली प्रश्नपत्र में क्या सवाल पूछा गया था?
बोर्ड की ओर से साझा किए गए मूल प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 37 हिंदी और अंग्रेजी, दोनों में दिया गया था। इसमें उत्पादन के मुख्य कारकों की संख्या के बारे में सवाल पूछा गया था।
असली सवाल था: “उत्पादन के मुख्य कारक कितने हैं?”
इस सवाल के लिए विद्यार्थियों को चार विकल्प दिए गए थे:
यानी मूल प्रश्नपत्र में ऐसा कोई सवाल नहीं था, जैसा सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में दिखाया गया।
वायरल तस्वीर में क्या सवाल दिखाया गया?
सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी तस्वीर में प्रश्न संख्या 37 को बदलकर “लहंगा किस चीज से उठाया जाता है?” दिखाया गया था।
इस बदली हुई तस्वीर में इसके विकल्प भी दिए गए थे:
- फोन
- रिमोट
- जेसीबी
- इनमें से कोई नहीं
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह सवाल मूल प्रश्नपत्र का हिस्सा नहीं था। बोर्ड के अनुसार, वायरल तस्वीर में इस सवाल को एआई की मदद से तैयार किया गया था।