कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला
विधानसभा अध्यक्ष बिमन बंद्योपाध्याय ने विपक्षी दल की दलील को इस आधार पर खारिज कर दिया कि मामला उप-न्यायिक है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को यह जांच करने का निर्देश दिया है कि किसके निर्देश पर पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) ने राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अतिरिक्त पद सृजित करके अवैध रूप से भर्ती किए गए कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने के लिए आवेदन दायर किया था। सीबीआई पहले ही उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों पर ऐसे स्कूलों में अवैध नियुक्तियों की भी जांच कर रही है।
भाजपा नेताओं ने लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने कहा, "माननीय उच्च न्यायालय के अभियोग के बाद, राज्य मंत्रिमंडल में कई मंत्रियों की मिलीभगत की पुष्टि हुई है। यह सरकार चाहती है कि अयोग्य उम्मीदवार स्कूलों में नौकरी जारी रखें और वेतन प्राप्त करें, जबकि सैकड़ों योग्य उम्मीदवार सालों से इंसाफ मांग रहे हैं आंदोलन कर रहे हैं। ममता बनर्जी और उनके मंत्रिमंडल को सलाखों के पीछे जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि यदि हम विधान सभा में इस मामले पर चर्चा नहीं कर सकते हैं, तो इस पर विचार-विमर्श कहां किया जाना चाहिए? इसलिए हमने विरोध प्रदर्शन किया। ।
बीजेपी के वॉकआउट पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ मंत्री शशि पांजा ने लॉबी में न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा कि विपक्ष केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। "वे रचनात्मक राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं। इसके बाद भाजपा सदस्य बाद में सदन में लौट आए।