क्या कहा आर्क बिशॉप ने?
बेंगलुरु के आर्क बिशॉप पीटर मैकेडो ने कहा कि शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं कि उनके (ईसाई) स्कूलों में बाइबिल का इस्तेमाल होता है या धर्म पढ़ाया जाता है। इस बात का उन्हें बहुत दुख हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम बहादुरी से कह सकते हैं कि हमारे स्कूल में दूसरे धर्म का कोई भी छात्र ईसाई नहीं बना है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बीते दिनों बेंगलुरु के क्लेरेंस हाईस्कूल में छात्रों के लिए बाइबल अनिवार्य करने का कथित मामला सामने आया था। हिंदू जनजागृति समिति ने आरोप लगाया था कि हाईस्कूल ने छात्रों के अभिवावकों को एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा है। इसमें अभिवावकों को स्वीकार करना है कि उनके बच्चे/छात्र को बाइबल की कक्षा में भाग लेना होगा। समिति के प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने कहा था कि यह नियम केवल किसी और धर्म का पालन करने के लिए छात्र को मजबूर करना है। यह नियम सुप्रीम कोर्ट के फैसले और संविधान के अनुच्छेद 25 का खुले तौर पर उल्लंघन करता है। इसके साथ ही यह बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम का भी उल्लंघन है।