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Study in Abroad: विदेश में पढ़ने की है ख्वाहिश तो ऐसे करें तैयारी, फाइनेंशियल प्लानिंग का रखें विशेष ध्यान

सार

Study in Abroad: फॉरेन एजुकेशन काउंसलर अभिषेक बजाज के अनुसार, विदेश में अध्ययन के दौरान अतिरिक्त जरूरतों और खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट टाइम जॉब, स्टूडेंट्स के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। 
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Study in Abroad - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Study in Abroad: प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हर कोई बेहतर शिक्षा अर्जित कर करिअर की पीक पर पहुंचना चाहता है और इस बेहतर शिक्षा के लिए न सिर्फ बच्चे, बल्कि पेरेंट्स भी बच्चों के लिए विदेश जाकर पढ़ाई को तवज्जो देते हैं। जहां एक तरफ समृद्ध व्यक्ति अपने बच्चों के लिए विदेशी शिक्षा को प्रखरता देने में संकोच नहीं करते, वहीं मध्यम वर्गीय परिवार के लिए यह किसी सपने से कम नहीं होता है। विदेश जाकर शिक्षा का सपना बेहद समृद्ध अनुभव होता है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। 

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विदेश में पढ़ाई की कैसे बनाएं योजना? एक्सपर्ट से समझिए

हालांकि, यह बात अलग है कि विदेश में अध्ययन करना अपने साथ कई चुनौतियां लेकर आता है, खासकर जब बात पैसों की आती है, पेरेंट्स पर जिम्मेदारियों का दबाव काफी बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को चाहिए कि पेरेंट्स पर फाइनेंस के दबाव को कुछ हद तक कम करने का प्रयास करें, ताकि बाहर जाकर अध्ययन करने का उचित समय आने तक सब कुछ आसानी से मैनेज हो सके। फॉरेन एजुकेशन काउंसलर एवं स्टडी मेट्रो के को-फाउंडर अभिषेक बजाज के अनुसार आप फाइनेंशियल प्लानिंग के इन सुझावों को ध्यान में रखकर न सिर्फ अपने पेरेंट्स की चिंता को कम कर सकते हैं, बल्कि कम खर्च में विदेश में अपनी पढ़ाई को भी पूरा कर सकते हैं:- 

student college - फोटो : istock

फाइनेंशियल प्लान पहले से रखें तैयार

विदेश में अध्ययन करने के लिए काफी धन की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इस दौरान होने वाले तमाम खर्चों की पहले से समझ होना बहुत जरूरी है। स्टूडेंट्स को चाहिए कि विदेश में अध्ययन के दौरान वहां रहने की लागत, बजट और यूनिवर्सिटीज में लगने वाली फीस की पूरी जानकारी पहले से लेकर रखें। करंसी एक्सचेंज रेट्स पर रिसर्च करके उसकी तुलना अपने बजट से करना भी एक अच्छा विचार है। ट्रेवल और वीजा संबंधी खर्चों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।  

पार्ट टाइम जॉब को दें प्राथमिकता

फॉरेन एजुकेशन काउंसलर अभिषेक बजाज के अनुसार, विदेश में अध्ययन के दौरान अतिरिक्त जरूरतों और खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट टाइम जॉब, स्टूडेंट्स के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे मिलने वाली सैलरी न सिर्फ स्टूडेंट्स के दैनिक खर्चों में, बल्कि काफी हद तक ट्यूशन फीस का भुगतान करने में भी राहत प्रदान करती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह उपाय अपनाकर स्टूडेंट्स सबसे बेहतर तरीके से अपने खर्चों को मैनेज करना अपने-आप ही सीख जाते हैं। जॉब से मिलने वाला एक्सपीरियंस स्टूडेंट्स के रिज्यूमे को बेहतर बनाता है। इससे पढ़ाई के बाद बेहतर जॉब्स मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। 

Study in Abroad - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

उसी देश में नया बैंक अकाउंट खुलवाएं

छात्रों को चाहिए कि जिस देश में वह अध्ययन कर रहे हैं, उस देश के किसी भी राष्ट्रीय बैंक यथासंभव सरकारी बैंक में नया खाता खुलवाएं। विदेशी बैंक अकाउंट होने से करंसी एक्सचेंज के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है, जो समय के साथ बढ़ सकता है। ऐसे में, उसी देश में खोला जाने वाला लोकल बैंक अकाउंट आपको ऐसे टैक्स और खर्चे से बचाने में मदद करता है। अनावश्यक खर्चों से बचने के साथ ही आपको आसानी से स्थानीय करंसी भी मिल जाएगी। 
 

एजुकेशन लोन रहेगा मददगार

विदेश में अध्ययन को आसानी से पूरा करने में एजुकेशन लोन काफी मददगार साबित हो सकता है। फॉरेन एजुकेशन काउंसलर अभिषेक बजाज बताते हैं कि यह ट्यूशन फीस से लेकर वहां रहने के खर्च और शिक्षा से संबंधित अन्य तमाम खर्चों तक का भार उठाने में मदद करता है। भारत में ऐसे बहुत सारे बैंक मौजूद हैं, जो विभिन्न नियमों और शर्तों के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन देते हैं। इसलिए अपने स्तर पर तलाश करके रखें, जो बेहतर विकल्प के साथ आपको एजुकेशन लोन दे सके।
 

बेहतर सुविधा के लिए स्टूडेंट कार्ड प्राप्त करें

विदेश में अध्ययन करने के दौरान स्टूडेंट कार्ड प्राप्त करने पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए। स्टूडेंट कार्ड का फायदा यह है कि इसके माध्यम से स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स, लाइब्रेरी, कैंपस एक्सेस आदि संबंधित सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के साथ ही स्टूडेंट्स को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक छूट भी मिल जाती है, क्योंकि बहुत सारे व्यावसाय और सांस्कृतिक संस्थान स्टूडेंट आईडी से खरीदारी में विशेष छूट प्रदान करते हैं।

Students - फोटो : Freepik

छात्रवृत्ति और अनुदान योजनाओं का पता करें 

विदेश में पढ़ाई करने के लिए आपको छात्रवृत्ति और अनुदान या रिसर्च ग्रांट के बारे में जानकारी जुटानी चाहिए। कई देशों में भारतीय मूल के नागरिकों के संगठन, स्थानीय सरकारी विभाग और निजी संस्थाएं भी दूसरे देशों से आने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां और अनुदान प्रदान करते हैं। अगर आप इन्हें पा लेते हैं तो आपकी पढ़ाई की व्यवस्था और खर्च काफी कम हो सकता है।

 
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उपलब्ध रिसर्च और जानकारी का उपयोग करें 

फॉरेन एजुकेशन काउंसलर अभिषेक बजाज का कहना है कि विदेश में पढ़ने जाने से पहले आपको अपनी वित्तीय स्थिति और खर्चों के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त होने की जरूरत है। आपको विभिन्न स्रोतों से जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए जैसे कि दूसरे छात्रों से बातचीत करके, विदेशी संस्थाओं की वेबसाइटों से, अन्य विदेशी स्थानों में शिक्षा लेने वालों से या स्थानीय विद्यालयों या कॉलेजों से। यह आपको सही जानकारी प्रदान करेगा और आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।
 
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