बीडीएस के शैक्षणिक योग्यता
बीडीएस करने के लिए सबसे पहले आपको पीसीएम विषय से 12वीं की परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास करना होगा। इसके बाद आपको NEET एग्जाम क्वालीफाई करना पड़ता है। अगर नीट में आपके अच्छे नंबर आ जाते हैं तो आप सरकारी कॉलेज से बीडीएस कोर्स कर सकते हैं। साथ ही जो छात्र 12वीं कर रहे हैं, वे भी NEET Exam दे सकते हैं। यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है। हालांकि कुछ साल पहले बिना नीट के ही BDS में प्रवेश मिल जाता था। लेकिन अब नीट अनिवार्य हो गया है।
पांच वर्ष का बीडीएस कोर्स
बीडीएस 05 साल (4 साल की शैक्षणिक शिक्षा + 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप) का यूजी डिग्री प्रोग्राम है। कहने का मतलब यह है कि आप अपना बीडीएस कोर्स पूरा करने के बाद, दंत चिकित्सक के रूप में अभ्यास करने के लिए योग्य हैं। इस कोर्स को पूर्णकालिक और अंशकालिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से किया जा सकता है।
मेडिकल क्षेत्र में 12वीं के बाद बीडीएस सबसे अधिक मांग वाले पाठ्यक्रमों में से एक है। भारत में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय हैं जहां से बीडीएस कर सकते हैं। मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में एमबीबीएस कोर्स के बाद यह छात्रों की दूसरी पसंद है। यह एमबीबीएस के समकक्ष है।
इन विषयों की करनी होगी पढ़ाई
बीडीएस पाठ्यक्रम में मानव शरीर रचना विज्ञान, शरीर विज्ञान और जैव रसायन, दंत सामग्री, प्रोस्थोडॉन्टिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, भ्रूण विज्ञान और ऊतक विज्ञान, सामान्य और दंत फार्माकोलॉजी और पैथोलॉजी, पेरियोडॉन्टिक्स, पेडोडोंटिक्स, ऑर्थोडॉन्टिक्स और दंत चिकित्सा जैसे बुनियादी विषय शामिल हैं।
BDS Salary दंत चिकित्सक का वेतन
एक दंत चिकित्सक के रूप में आपको शुरुआती वेतन के तौर पर 15,000 से 30,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। इस क्षेत्र में अच्छा अनुभव प्राप्त करने के बाद आपको प्रति वर्ष 4 से 6 लाख रुपये का अच्छा वेतन मिल सकता है। अमेरिका और ब्रिटेन में चिकित्सा क्षेत्र में अच्छे वेतन के साथ काम करने के अधिक अवसर हैं। इसके अलावा आप अपना खुद का क्लिनिक स्थापित कर सकते हैं और लगभग 40,000 से 1,00,000 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं।